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Terrorist Habibul: ओसामा बिन लादेन से बहुत प्रभावित है हबीबुल, फेसबुक पर आतंकियों के वीडियो भी देखता था

Wed, 17 Aug 2022 07:12 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

आतंकी हबीबुल इस्लाम फेसबुक के जरिये पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया था। वो ओसामा बिन लादेन से सबसे ज्यादा प्रभावित है। यही नहीं, उसके मोबाइल में अलकायदा और आईएसआईएस आतंकी संगठन के सौ से ज्यादा वीडियो मिले हैं।
 
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ओसामा बिन लादेन - फोटो : सोशल मीडिया
जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से जुड़ा आतंकी हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला सबसे पहले फेसबुक के जरिये पाकिस्तानी हैडलर्स के संपर्क में आया था। उसके बाद वह आतंकियों के ग्रुप में जुड़ा। मैसेंजर के जरिये टेलीग्राम का लिंक मिला। तब से वह टेलीग्राम पर ही बातचीत करता था। सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया आतंकी नदीम भी टेलीग्राम के जरिये ही हबीबुल के संपर्क में आया था। यह जानकारी एटीएस की जांच में सामने आई है।

एटीएस ने 13 अगस्त की रात को फतेहपुर निवासी हबीबुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था। 14 अगस्त को उसे जेल भेजा गया था। एटीएस की जांच में सामने आया था कि वह जैश से जुड़ा हुआ है। वह वर्चुअल आईडी बनाने का एक्सपर्ट है। आतंकी उससे आईडी बनवाकर आपस में बातचीत करते हैं। आतंकी से मिली जानकारी व उसके मोबाइल की गहनता से जांच पड़ताल की, तो कई अहम खुलासे हुए।

सूत्रों के मुताबिक करीब ढाई साल पहले हबीबुल ने फेसबुक की आईडी बनाई थी। फेसबुक पर आतंकी संगठनों व आतंकियों के नाम से वीडियो व एकाउंट खोजता था। इसी दौरान आतंकी समर्थित एक ग्रुप को उसने ज्वाइन कर लिया। मैसेंजर पर बातचीत होने लगी। यह पहली बार था जब हबीबुल पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया था। इसके बाद इसी ग्रुप में उसको राह-ए-हिदायत टेलीग्राम ग्रुप का लिंक शेयर किया गया। जिससे वह जुड़ गया था।
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हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला। - फोटो : amar ujala
हैंडलर ने खुद को अफगानी बताया था
हबीबुल जिस शख्स से सबसे अधिक बातचीत करता था उसने खुद को अफगानिस्तान का बताया था। जब एटीएस ने जांच की तो पता चला कि वह पाकिस्तानी हैंडलर्स है। उसने वर्चुअल आईडी पर अफगान लिख रखा था। इस बात की जानकारी हबीबुल को भी नहीं थी। एटीएस सूत्रों के मुताबिक इसी तरह से जो भी लोग ग्रुप में जुड़े हैं उन्होंने अपनी असल पहचान छिपा रखी है। संदिग्धता के आधार पर इनमें से कुछ वर्चुअल आईडी को चिन्हित कर उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आशंका है कि ये आईडी यूपी या देश के अन्य शहरों के लोगों से जुड़ी हो सकती हैं। हबीबुल ने अपनी सभी आईडी सैफुल्ला के नाम से बना रखी थीं।
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संदिग्ध आतंकी हबीबुल व नदीम - फोटो : अमर उजाला
नदीम से कभी नहीं मिला था हबीबुल
एटीएस ने 12 अगस्त को सहारनपुर से नदीम को गिरफ्तार किया था। वह भी जैश से जुड़ा था। पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा की हत्या की साजिश रच रहा था। उसी के माध्यम से हबीबुल का सुराग लगा था। एटीएस सूत्रों के मुताबिक नदीम व हबीबुल टेलीग्राम के जरिये ही बात करते थे। नदीम ने फेक नाम से आईडी बना रखी थी। हबीबुल व नदीम कभी भी आमने सामने नहीं मिले। जब नदीम पकड़ा गया था तब भी हबीबुल को यह पता नहीं चल सका था कि यह वही शख्स है, जिसके वह संपर्क में है।

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Terrorist Habibul - फोटो : ट्विटर
आतंक के वीडियो देखकर खुश होता था हबीबुल
जैश से जुड़े आतंकी हबीबुल इस्लाम के मोबाइल से आतंक संबंधी सौ से अधिक वीडियो मिले हैं। अधिकतर वीडियो अलकायदा व आईएसआईएस आतंकी संगठन के हैं। इन संगठनों के सरगना व अन्य प्रमुख आतंकियों के भड़काऊ व नफरती भाषणों के हैं। एटीएस ने इन सभी वीडियो को इकट्ठा कर साक्ष्य के तौर पर केस की विवेचना में शामिल किया है। हबीबुल इन वीडियो अपने करीबियों को भेजकर उनको भी आतंक की दुनिया में धकेलने के प्रयास में जुटा था।
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हबीबुल इस्लाम का घर - फोटो : अमर उजाला
एटीएस ने हबीबुल के पास एक मोबाइल बरामद किया था। उसमें एक ही सिम पड़ा था। जांच में पता चला कि उसने अपनी ही आईडी पर यह सिम ले रखा था। चूंकि वह वर्चुअल आईडी इस्तेमाल करता था, इसलिए उसको यकीन था कि वह पकड़ा नहीं जाएगा। इसलिए वह खुद आईडी वाला ही सिम चलाता था। एटीएस ने जब मोबाइल खंगाला तो उसमें सौ से अधिक वीडियो मिले। इसमें ओसामा बिन लादेन समेत अन्य मोस्टवांटेड आतंकियों के वीडिया हैं। पूछताछ में भी हबीबुल ने बताया कि वह यह वीडियो देखकर खुश होता था। खासतौर पर भारत के खिलाफ जो आतंकी जहर उगलते थे उनके वीडियो वह अपने पास संभाल कर रखता था।
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मुंबई आतंकी हमला 2008 - फोटो : अमर उजाला
आतंकी हमलों की एक-एक जानकारी मिली
भारत में हुए आतंकी हमलों से संबंधित भी तमाम वीडियो उसके पास मिले। इसमें मुंबई हमले के वीडियो भी शामिल हैं। यहां तक कि कब कहां और कौन सा आतंकी हमला हुआ है, इसका ब्योरा भी उसके पास से मिला। वहीं जिस टेलीग्राम ग्रुप से वह जुड़ा हुआ था, उसमें भी इस तरह के वीडियो साझा किए जाते थे। बाकायदा आदेशित किया जाता था कि वह इन वीडियो अपने लोगों में शेयर करें। उनको अपने साथ जोड़ें।
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भारत पाकिस्तान बॉर्डर - फोटो : सोशल मीडिया
बॉर्डर क्रॉस जाना चाहता था पाकिस्तान
हबीबुल से पूछताछ में सामने आया था कि पाकिस्तानी हैंडलर उसको ट्रेनिंग के लिए बुला रहा था। उसके बाद वह वापस लौटकर भारत में दहशगर्दी फैलाता। एटीएस की जांच में पता चला कि हबीबुल के पास पासपोर्ट नहीं है। ऐसे में उससे पूछा गया कि जब पासपोर्ट नहीं है तो वह पाकिस्तान कैसे जाता। तब उसने कहा कि हैंडलर ने उससे कश्मीर के रास्ते बार्डर क्रॉस कर आने की बात कही थी। जब वह वहां जाने के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाता तो वही हैंडलर आगे के लिए गाइड करता।
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