जानकारी के मुताबिक जाजमऊ निवासी एक बड़े टेनरी मालिक की शालीमार टेनरी पर काफी समय से नजर थी। जब से विवाद चल रहा है तब से वह शहनाज की तरफ से पैरवी करता रहा है। सूत्रों के मुताबिक उसी ने नारायण सिंह भदौरिया को एक करोड़ रुपये में टेनरी खाली कराने का ठेका दिया था। इसलिए नारायण व उनके गुर्गे उस शाम वहां पहुंचे थे, जिसके बाद भारी बवाल हुआ।
पुलिसकर्मी का लड़का भी बवाल में था शामिल
बवाल में रॉकी यादव नाम का शख्स भी शामिल रहा है। वह एक पुलिसकर्मी का लड़का है। पहले वह इस तरह के बवाल में शामिल रहा है। नौबस्ता में हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को भी फरार कराने में रॉकी यादव शामिल रहा था। सूत्रों के मुताबिक नारायण भदौरिया एंड टीम इसी तरह की विवादित संपत्तियों को खाली कराने और उन पर कब्जा कराने का ठेका लेती है। मजबूत कार्रवाई न होने की वजह से यह सभी मनबढ़ हो गए हैं।
एक थानेदार का करीबी है टेनरी मालिक
बवाल जाजमऊ थाना क्षेत्र में हुआ है, लेकिन इसमें एक अन्य थाने के थानेदार की बड़ी भूमिका रही है। दरअसल यह थानेदार बड़े टेनरी मालिक का बेहद करीबी है। कुछ दिन पहले थानेदार उसका जन्मदिन मनाने उसके फ्लैट पर पहुंचे थे। जिसकी फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। यह थानेदार एक तरह से टेनरी मालिक को सपोर्ट करता रहा है।
केस की विवेचना जारी है। मोबाइल नंबर की सीडीआर के जरिये अन्य आरोपियों को ट्रेस किया जा रहा है। जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उन पहलू पर तफ्तीश की जा रही है। जिसकी भी भूमिका होगी उस पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रमोद कुमार, डीसीपी पूर्वी
बवाल से पहले हुई थी बैठक
सूत्रों के अनुसार बवाल से कुछ देर पहले तीन चार लोगों ने जाजमऊ थाने के पास बैठक की थी, जिसमें टेनरी कब्जाने को लेकर साजिश रची गई थी। इसमें नामचीन टेनरी मालिक के भी शामिल होने का अंदेशा है। पुलिस इस बारे में और जानकारी जुटा रही है।
एसओ की भूमिका की जांच
जिस तरह से बवाल हुआ उसमें स्थानीय पुलिस की मिलीभगत या लापरवाही की बात सामने आ रही है। आशंका है कि मामले के संबंध में जाजमऊ थानेदार पवन कुमार को पूरी जानकारी थी। इसके तह तक जाने के लिए डीसीपी पूर्वी ने एसओ की भूमिका की जांच एसीपी अनवरगंज को सौंपी है। जांच के बाद मामले में कार्रवाई होगी।