पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गर्म हवाओं के कहर से 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। राज्य भर के सरकारी और गैरसरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, दस्त, उल्टी और तेज बुखार वाले रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। बुंदेलखंड का पारा तो 47.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। हालात यही रहे तो लोगों का जीना मुश्किल हो जाएगा।
बुंदेलखंड के बांदा और महोबा में भीषण गर्मी की वजह से जानवर और इंसानों के प्राण छूटने लगे हैं। सोमवार को बुंदेलखंड में हीट स्ट्रोक से चार लोगों की मौत हो गई जबकि 'लू' (गर्म हवाओं) के कारण अवध क्षेत्र में छह बच्चों की मृत्यु हो गई।
थमने का नाम नहीं ले रहा मौतों का सिलसिला
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बहराइच जिले में भी गर्मी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकारी अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। रोजा इफ्तार के बाद बहराइच के हरवंत गांव में 120 से अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए थे। जिला प्रशासन की ओर से गांव में सरकारी डॉक्टरों की एक टीम तैनात कर दी गई है।
मौसम विभाग ने कुछ राहत की भविष्यवाणी की
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इटावा, मैनपुरी, उन्नाव, कानपुर, लखनऊ, फतेहपुर, हरदोई और औरैय्या में तापमान लगभग 46 डिग्री पर है। पूर्वांचल के मिर्जापुर में अधिकतम तापमान 46.4 है, जबकि सोनेभद्रा 45.6 और वाराणसी में 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, सहारनपुर, बागपत, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के साथ बेहद गर्म है।
उधर मौसम विभाग ने कुछ राहत की भविष्यवाणी की है। मौसम जानकारों के मुताबिक राज्य के कुछ हिस्सों में बूंदाबहार और धूल से भरे तूफान आने की संभावना जताई है जो तापमान में थोड़ी कमी लाने में मदद कर सकते हैं।