चार अक्तूबर से चलने वाले तेजस एक्सप्रेस को भले ही 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से दौड़ाने की तैयारी है लेकिन कानपुर से लखनऊ के बीच कई स्थानों पर यह ट्रेन रेंगेगी। इस रूट पर अलग-अलग सेक्शनों में 15 से अधिक कॉशन स्पीड प्वाइंट हैं। यहां ट्रेन को 15 से 20 किमी प्रतिघंटे से अधिक नहीं चलाया जा सकता है।
इसके अलावा शुक्लागंज गंगाघाट के पुराने जर्जर पुल पर भी ट्रेन 10 की स्पीड से अधिक नहीं चल सकती है। यही वजह है कि कानपुर से लखनऊ तक 72 किमी की दूरी तय करने में शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें डेढ़ घंटे लेती हैं। बाकी ट्रेनों को दो घंटे से अधिक लगता है।
लखनऊ से कानपुर की दूरी डेढ़ घंटे में तय करेगी
आईआरसीटीसी द्वारा चलाई जा रही देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का समय भी सवा घंटे से डेढ़ घंटे रखा गया है। लखनऊ से कानपुर आने वाली तेजस सवा घंटे और कानपुर से लखनऊ जाने वाली तेजस एक्सप्रेस डेढ़ घंटे लेगी। मसलन 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली यह ट्रेन इस रूट पर औसतन 50 की रफ्तार से चलेगी। इसी रफ्तार से इस रूट पर स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस चलती है।