दांतों की सफाई में लापरवाही आप को मुश्किलों में डाल सकती है। ढंग से ब्रश न करने का ही नतीजा है कि कानपुर के 75 फीसदी लोग पायरिया से परेशान हैं।
इससे पीड़ित व्यक्ति के मुंह से आने वाली बदबू बातचीत में बाधक बन रही है। वहीं, डॉक्टरों को पीड़ितों का आपरेशन भी टालना पड़ रहा है। डॉक्टर पायरिया के बैक्टीरिया एंडोटॉक्सिन (जहरीले रसायन) को वजह मान रहे हैं। ये बैक्टीरिया खून के साथ मिलकर संक्रमण फैलाते हैं।
साथ ही डायबिटीज, फेफड़े और दिल की बीमारी से पीड़ित व्यक्त पर विपरीत असर डालने के साथ-साथ मस्तिष्क में स्ट्रोक की संभावना को भी जन्म देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों से लेकर वृद्धों को दांतों की अच्छे से सफाई करनी चाहिए। ऐसा करने से आप ताजी महसूस करेंगे और दूसरी बीमारियों से भी बचेंगे।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग की ओपीडी में आए मरीजों पर हुए शोध में खुलासा हुआ है 75 फीसदी कानपुराइट्स पायरिया से परेशान हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. एयू अंसारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहर के ज्यादातर महिलाओं और पुरुषों के पायरिया की शिकायत है।
इसकी एक वजह दांतों की सही से सफाई की जानकारी न होना भी है। बच्चों के दांतों की सफाई के लिए बड़ों को ही ध्यान देने की जरूरत है।