औरैया के अजीतमल कोतवाली में एक किशोरी ने पुलिस की मौजूदगी में जहरीला पदार्थ खा लिया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में पुलिस ने उसे सीएचसी अजीतमल में भर्ती कराया, वहां से डॉक्टरों ने उसे सैफई (इटावा) के लिए रेफर कर दिया। किशोरी की मां ने पुलिस पर गुमराह करने का आरोप लगाया है।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से तीन दिन पूर्व एक 16 वर्षीय किशोरी लापता हो गई थी। किशोरी की मां ने गांव के कुछ लोगों पर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की गुहार लगाते हुए किशोरी को वापस दिलाने की मांग की थी। बुधवार को लापता किशोरी को बाबरपुर कस्बे में देख रिश्तेदारों ने किशोरी को पकड़ लिया।
मामला कोतवाली पहुंच गया। जहां किशोरी की मां व अन्य परिजनों से आरोपी पक्ष से समझौते का प्रयास देर रात तक चल रहा था। समझौता न होने पर किशोरी की मां घर चली गई। जबकि किशोरी कोतवाली से वापस घर जाने को तैयार नहीं हुई। कोतवाली में उसने जहरीला पदार्थ खा लिया जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
आनन-फानन में कोतवाली पुलिस ने किशोरी के परिजनों को सूचना देते हुए उसे सीएचसी अजीतमल में भर्ती कराया। वहां से डॉक्टरों ने उसे सैफई रेफर कर दिया। बाद में सीएचसी अजीतमल पहुंची किशोरी की मां ने पुत्री द्वारा जहर खा लिए जाने की सूचना मिलने की बात बताई।
मां का आरोप है उसकी पुत्री को गांव के ही आरोपी पक्ष दिल्ली में भी दो दिन तक एक दरोगा के यहां कैद किए रहे। उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। पुलिस लगातार गुमराह कर रही है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार विंद ने बताया कि एक किशोरी को गांव के लोग थाने लाए थे।
जिसने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है। वहां से डॉक्टरों ने उसे सैफई रेफर कर दिया है। इधर इस पूरे प्रकरण पर एसपी सुनीति का कहना है कि मामला संज्ञान में है। दोनों पक्षों को बुलाया गया है। फिलहाल जांच चल रही है।