उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में अलग-अलग स्थानों पर एक किशोरी व दो विवाहिताओं ने संदिग्ध हालात में फांसी लगाकर जान दे दी। तीनों मामलों में पुलिस कार्रवाई नहीं की गई है। शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव रवन्ना गुलदार बाग रामनगर निवासी एक किशोरी सोमवार रात आठ बजे खेतों से घर लौटी।
इस पर पिता ने उसे डांट दिया। इसपर उसने रात 10 बजे एक छप्पर में रस्सी के फंदे से फांसी लगा ली। 11 बजे सूचना पर पुलिस पहुंची। परिजनों ने कार्रवाई से इनकार कर दिया। सुबह आठ बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया। जहानगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के गांव महरूपुर खार निवासी अनुपमा (35) पत्नी रामनरायन ने मंगलवार सुबह सात बजे घर में फांसी लगा ली।
परिजन उसे लोहिया अस्पताल लाए। यहां डा. शशांक यादव ने मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष पूनम जादौन गांव पहुंचीं तो परिजनों ने कार्रवाई से इनकार कर दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि अनुपमा के फर्रुखाबाद निवासी बहनोई विशाल ने यूपी 112 को सूचना दी थी। उधर, कोरीखेड़ा गांव निवासी नवाब की पत्नी रेखा (35) ने रात में घर में साड़ी से फांसी लगा ली।
एटा के अलीगंज निवासी पिता रामेश्वर ने बताया कि रेखा की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते। उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। संदिग्ध हालात में दिव्यांग वृद्धा झुलसी फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा कोतवाली के गांव बड़ी बरौन निवासी स्व. रामपाल की पत्नी मिथलेश कुमारी (60) सोमवार रात संदिग्ध हालात में झुलस गईं। परिजनों ने उसे गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। वहां हालत गंभीर होने पर उन्हें रेफर कर दिया गया है। मिथलेश दिव्यांग हैं।