तमंचा लेकर सोमनाथ कमरे से बाहर ले आया और खेल-खेल में उसका ट्रिगर दबा दिया। तमंचे में कारतूस लगा होने से गोली चल गई और सामने खड़ी बहन इशिता के बाएं पैर की जांघ में लग गई। गोली चलने की आवाज सुनने और छोटे भाई द्वारा लोगों से मदद मांगने के बाद भी करीब एक घंटे तक पड़ोसी और मोहल्ले के लोग किशोरी को अस्पताल पहुंचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
घर में कोई तमंचा भी नहीं मिला है
जानकारी पर पिता घर पहुंचा और बेटी को अस्पताल लेकर जा रहा था। तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। सूचना पर सदर कोतवाल पहुंचे और जांच की। जांघ में गोली लगने से मौत होने की बात पुलिस के गले नहीं उतर रही है। घर में कोई तमंचा भी नहीं मिला है। पुलिस ने परिजनों से तहरीर मांगी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा है।
इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
कोतवाल प्रमोद मिश्र ने बताया कि जांच चल रही है। इशिता को गोली किसने मारी, कैसे लगी, माता-पिता बच्चों को अकेला छोड़कर क्यों और कहां गए थे। अगर तमंचे से गोली चली, तो वह किसका है। हत्या की इस घटना में गोली चलाने वाला अगर बच्चा है, तो अवैध शस्त्र रखने वाले का भी जुर्म कम नहीं है।