चित्रकूट। रैपुरा थाना अंतर्गत बसिंघा गांव के सुर्री घाट पर टीला धंसने से नौ लोग दब गए। मामी-भांजी समेत तीन मौत हो गई। अन्य घायलों को सीएचसी रामनगर भेजा गया। घायलों में दो की हालत गंभीर होने पर प्रयागराज रेफर किया गया है। सभी लोग शुक्रवार की दोपहर टीले से मिट्टी की खोदाई कर रहे थे। तभी हादसा हो गया। मुख्यमंत्री में मृतकों के परिजनों दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने व घायलों का सही ढंग से इलाज कराने के निर्देश दिए हैं।
क्षेत्र के बसिंघा व रामनगर गांव के कुछ लोग घर की लिपाई-पुताई के लिए शुक्रवार की सुबह गांव के बाहर नाले के सुर्री घाट किनारे टीले से मिटटी की खुदाई कर रहे थे। दोपहर को अचानक टीला ढह गया। जिसमें खुदाई कर रहे नौ ग्रामीण दब गए, हादसा देख चीखते हुए कुछ लोग पुरवा की ओर भाग निकले। इसी बीच मामूली रूप से दबे तीन लोग मिट्टी हटाकर भाग निकले। इधर जानकारी पर पहुंचे ग्रामीणों ने मिट्टी हटाने का प्रयास किया, कुछ देर बाद जेसीबी भी पहुंच गई। फावड़े व जेसीबी की मदद से मिट्टी हटानी शुुरू हुई।
मिट्टी में दबने से बसिंघा निवासी ज्ञानादेवी यादव (40) पत्नी शंकर व उसकी भांजी नीतू देवी यादव (12) पुत्री नवलकिशोर समेत सुनीता देवी प्रजापति (35) पत्नी मंगलवा की मौत हो गई। बच्ची देवी (40) पत्नी महेश, अनुराधा यादव (11) पुत्री मोतीलाल व रामनगर निवासी संतोषी देवी (13) पुत्री चुनकावन को गंभीर हालत में रामनगर सीएचसी में भर्ती कराया गया। बच्ची देवी व अनुराधा की हालत गंभीर होने 108 एंबुलेंस से प्रयागराज भेजा गया है। घायल संतोषी देवी ने बताया कि टीले के अंदर कई और लोग मिट्टी खोद रहे थे। लेकिन धंसने से कुछ देर पहले ही वह मिट्टी लेकर निकल गए थे। नौ लोग अंदर थे। मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय भेजा गया है। घटना की जानकारी होते ही डीएम शेषमणि पांडेय व एसपी अंकित मित्तल समेत कई थानों का फोर्स ने मौके पर जाकर घटना का जायजा लिया।