सोनू निगम की आवाज और आईआईटी कानपुर के छात्रों का जोश... दोनों ने मिलकर टेककृति के समापन की शाम को यादगार बना दिया। सोनू ने अपनी सुरीली आवाज से नए और पुराने गीतों का ऐसा समां बांधा जिसे सुन सभी मंत्रमुग्ध हो गए। मैं शायर तो नहीं, दीवाना तेरा, चलते चलते मेरे ये गीत, मेरे सपनों की रानी गाकर छात्रों को पुराने दौर में ले गए। वहीं, एनिमल फिल्म का गाना पापा मेरी जान गाकर युवाओं को भावुक कर दिया।
आईआईटी में चार दिन से चल रहे टेककृति का समापन रविवार को हो गया। इस साल रक्षाकृति थीम पर आयोजित टेककृति में रक्षा प्रदर्शनी के साथ कई मॉकडि्रल भी हुईं। अंतिम दिन कार्यक्रम की थकान के बाद सोनू निगम के इवेंट के लिए युवा दोगुने जोश से तैयार दिखे। टेककृति के चौथे दिन कंटेंट क्रिएटर्स केशव साधना और संजय कथुरिया क्रिएटर्स कॉन्क्लेव में शामिल रहे। कॉलेज रोमांस में अपनी भूमिका के लिए जाने जाने वाले केशव साधना ने मनोरंजन उद्योग में अपनी यात्रा की कहानियों को साझा किया। संजय कथुरिया ने अपने अनूठे हास्य और अंतर्दृष्टि के साथ दर्शकों को व्यस्त रखा और मनोरंजन किया। विषय-वस्तु निर्माण, व्यक्तिगत अनुभव और उभरते डिजिटल स्पेस पर उनकी चर्चा प्रेरणादायक और आनंददायक थी।
कार रैली बनी आकर्षण का केंद्र
कार रैली और डि्रफ्ट शो में प्रिक्स कार रैली का आयोजन हुआ। रैली की शुरुआत स्वीमिंग पूल पार्किंग क्षेत्र से हुई, जिसमें मॉडीफाइड कारों, खेल वाहनों ने प्रतिभाग किया। रैली हॉल-1 बास्केटबॉल कोर्ट पर खत्म हुई। पेशेवर ड्रिफ्टर्स ने लुभावनी स्लाइड, सही कॉर्नरिंग और टायर-बर्निंग एक्शन के साथ कौशल का प्रदर्शन किया।