परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को अकेला छोड़कर या छुट्टी लेकर अपनी
समस्याएं को दूर कराने के लिए शिक्षकों को बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय के
चक्कर नहीं लगवाने पड़ेंगे।
इस समस्या से निजात के लिए बेसिक शिक्षा
अधिकारी ने दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इसके जरिये टीचर अपनी समस्या
स्कूल में ही बैठकर फोन कॉल से कार्यालय में दर्ज करा सकेंगे। पहले बीएसए
कार्यालय में अनावश्यक भीड़ भी लगी रहती थी और बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ
शिक्षकों का समय भी बर्बाद होता था।
बीएसए स्वयं इस रजिस्टर में दर्ज
समस्याओं को रोजाना दो घंटे मॉनीटर कर दूर कराएंगे। इसके अलावा टीचरों को
फोन के जरिये उनकी समस्या के निस्तारण की भी जानकारी दी जाएगी। यहां तक
शिक्षकों को अपनी समस्याओं के लिए एक बार से अधिक फोन भी नहीं करना होगा।
जिला
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इसका कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
यहां फोन पर आने वाली शिकायतों को कंप्यूटर और रजिस्टर पर भी दर्ज किया
जाएगा। इसके बाद तुरंत निस्तारण वाली और एक दो दिन बाद निपटने वाली
समस्याओं को अलग-अलग रजिस्टर पर दर्ज किया जाएगा।
इस बात का भी ध्यान रखा
जाएगा कि एक समस्या के लिए शिक्षकों को एक बार से अधिक फोन न करना पड़े।
इसके लिए समस्या का रोजाना अपडेट की जानकारी उन्हें फोन पर दी जाएगी। बीएसए
डॉ सच्चिदानंद यादव ने बताया कि कार्यालय में पूरे जिले से औसतन 100
शिक्षक अपनी समस्या लेकर आते थे।
इससे कार्यालय में भीड़ रहने के साथ-साथ
कार्य भी प्रभावित होते थे। साथ कई बार एक शिक्षक वाले विद्यालय में बच्चे
पढ़ाई से वंचित रहते थे। इस विभाग के स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही
थी। उन्होंने ऐसी समस्याओं से निजात के लिए टीचर हेल्पलाइन नंबर
05111-270620 जारी किया है।
इस हेल्पलाइन नंबर पर टीचरों की समस्या सुबह दस
बजे से तीन बजे तक दर्ज की जाएगी। इसके बाद स्वयं रजिस्टर और कंप्यूटर में
दर्ज समस्याओं रोजाना दो घंटे निपटाएंगे और समस्याओं के निस्तारण के लिए
संबंधित पटल सहायक को निर्देश देंगे। उन्होंने बताया कि ज्यादातर समस्याओं
का निस्तारण दर्ज कराने वाले दिन ही करा दिया जाएगा और संबंधित शिक्षकों को
उनकी समस्या निस्तारित कराने की जानकारी दे दी जाएगी। बीएसए ने बताया कि
जिले में 2350 प्राथमिक व जूनियर विद्यालय में जिनमें साढ़े पांच हजार से
ज्यादा अध्यापक तैनात है। इसके अलावा 897 शित्रा मित्र भी तैनात है।
उन्होंने बताया कि जिले परिषदीय विद्यालय में डेढ़ लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण
कर रहे हैं। कहा इन सभी की समस्याओं को दूर करने के लिए हेल्प लाइन नंबर
जारी किए गए हैं।
बताया कि रजिस्टर में टीचर का नाम, समस्या, समय व दिनांक
के अलावा निराकरण दर्ज होगा। टीचर को अपनी समस्या के लिए एक बार से अधिक
फोन भी नहीं करना होगा। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में आने वाली हर बाधा को दूर
किया जाएगा।