कानपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना में सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्ववित्त पोषित विद्यालयों के शिक्षकों को भी शामिल किए जाने की मांग मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर की है। इसके अलावा शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधि मंडल लखनऊ में शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) से मिला।
संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने निदेशक के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि योजना से प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, सहायता प्राप्त विद्यालयों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों सहित लगभग नौ लाख शिक्षक परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला है।
हालांकि प्रदेश में बड़ी संख्या में सीबीएसई और आईसीएसई मान्यता प्राप्त स्ववित्त पोषित विद्यालय संचालित हैं जिनमें कार्यरत अधिकांश शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रदेश के निवासी हैं लेकिन उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। संघ ने न्यायोचित समानता के आधार पर सभी शिक्षक परिवारों को आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न होने देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में राहुल मिश्रा, अभिनंदन भदौरिया, मंजुल द्विवेदी, बीएल पांडेय, रोहित मिश्रा, श्रीओम तिवारी और शैलेंद्र अवस्थी शामिल रहे।