कानपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल कंप्यूटर साइंस या इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं है। सीएसजेएमयू में सोमवार से शुरू हुए एआई बूटकैंप के साथ फार्मेसी, लाइफ साइंस, बायोटेक्नोलॉजी और अन्य विषयों के शिक्षक भी एआई प्रशिक्षक बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
यह बूटकैंप 30 जनवरी तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन दोपहर दो से शाम पांच बजे तक प्रशिक्षण सत्र होंगे। विश्वविद्यालय में स्थापित सुपर कंप्यूटर लैब से ही एआई एक्सपर्ट तैयार किए जा रहे हैं। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक महाविद्यालयों के अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। इसमें केवल इंजीनियरिंग या गणित विज्ञान के नहीं बल्कि किसी भी विषय के शिक्षक हिस्सा ले सकते हैं।
सुपर कंप्यूटर लैब की उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधा के कारण शिक्षक और छात्र बड़े डेटा सेट पर काम कर सकेंगे, जटिल एआई मॉडल तैयार कर सकेंगे और रियल-टाइम सिमुलेशन का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इसके माध्यम से शिक्षक अपने शोध प्रोजेक्ट्स को नई गति दे सकेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध कार्यों से जुड़ पाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन ग्लोबल इन्फो वेंचर्स प्रा. लि. के एनवीडिया प्रमाणित प्रशिक्षकों की ओर से किया जा रहा है। कोर्स समन्वयक ने बताया कि एआई की समझ विकसित होने से शिक्षक अपने विषय की पढ़ाई को अधिक व्यावहारिक, शोध-आधारित और उद्योग से जुड़े तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगे। शिक्षक एआई को पाठ्यक्रम, मूल्यांकन प्रणाली और शोध कार्यों में शामिल कर शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकेंगे।