कानपुर। प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की है। इससे शिक्षकों को अब अपने व परिजनों के इलाज के लिए नकद भुगतान की चिंता नहीं करनी होगी। योजना का लाभ प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ अशासकीय सहायता प्राप्त, माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों को मिलेगा। स्ववित्त पोषित संस्थानों के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइए भी इसमें शामिल किए गए हैं। शहर के शिक्षक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री के वादा पूरा करने पर शिक्षक नेताओं ने खुशी जताई है। (संवाद)
सरकार ने लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है। इससे शिक्षिकाओं और उनके परिजनों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी। - रुचि त्रिवेदी, उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिला मंडल अध्यक्ष
कैशलेस इलाज से शिक्षकों को अस्पतालों में नकद भुगतान की दिक्कत से मुक्ति मिलेगी। यह सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। - लेफ्टिनेंट अखिलेश यादव, प्रदेश संयुक्त मंत्री, अटेवा
यह सुविधा न केवल शिक्षकों, बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए राहतभरी साबित होगी। आर्थिक बोझ घटने से वह निश्चिंत होंगे। - सुनील कुमार वर्मा, जिला संयोजक, टीचर सेल्फ केयर टीम