घर के दरवाजे की कुंडी बाहर से लगी थी। दरवाजे पर एक नोट भी लिखा था कि ‘मेरी मौत के जिम्मेदार पड़ोसी होंगे’। यह नोट हत्या की तरफ इशारा कर रहा था। शिक्षिका का मोबाइल फोन गायब था। पुलिस को जांच पड़ताल के दौरान किरायेदार धर्मेंद्र वर्मा गायब मिला। इस पर शक की सूई उसकी ओर घूम गई।
पिता के साथ काफी समय से संबंध थे
बुधवार को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से आरोपी धर्मेंद्र को अनवरगंज स्टेशन के पास स्थित सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्यालय के सामने से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से मंजू वर्मा का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। धर्मेंद्र वर्मा ने बताया कि उसके पिता और मंजू के काफी समय से संबंध थे।
छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती थी मंजू
वह कमाई मंजू को दे देते थे। मां की मौत के बाद से पिता अकेले थे। इससे उसे और उसके भाई को एतराज नहीं था। मंजू भी अकेली थी। वह और उसका भाई भीलवाड़ा राजस्थान में प्राइवेट नौकरी करते हैं। वह दिवाली पर घर आया था। इसके बाद आए दिन छोटी-छोटी बातों पर मंजू झगड़ा करती थी।
मुंह पर अखबार रखकर मार डाला
इसी से त्रस्त होकर नौ जनवरी को शराब पी। इसके बाद रात करीब दो बजे मंजू के घर का दरवाजा खुला देख भीतर घुस गया। सोते समय मंजू के मुंह पर अखबार रखकर मार डाला। इसके बाद आग लगाकर भाग भीलवाड़ा भाग गया। बुधवार को लौटा, तो पुलिस ने दबोच लिया।
अमर उजाला ने पहले ही कर दिया था खुलासा
मंजू वर्मा की हत्या किरायेदार ने ही की थी। इस बात का खुलासा अमर उजाला ने 13 जनवरी के अंक में कर दिया था।