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शिक्षिका हत्याकांड: घर में मिला था जला शव, आरोपी बोला- पिता से थे संबंध, रोज झगड़ा भी करती थी, इसलिए मार डाला

Fri, 19 Jan 2024 11:47 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर में घर में जलकर हुई शिक्षिका मंजू वर्मा (62) की मौत का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपी ने कहा कि सोते समय मुंह पर अखबार रखकर मार डाला, फिर रजाई डालकर आग लगा दी थी।
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शिक्षिका की मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में रायपुरवा थाना क्षेत्र के छब्बालाल हाता में हुई शिक्षिका की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस ने हाते में ही किराये पर रहने वाले आरोपी को अनवरंगज से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने बताया कि शिक्षिका के पिता से संबंध थे। इसके अलावा वह आए दिन किसी न किसी बात पर उससे झगड़ा करती थी।

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इसी वजह से मुंह में अखबार रखकर हत्या कर दी। इसके बाद ऊपर से रजाई डालकर आग लगा दी। स्वरूपनगर स्थित कार्यालय में डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार ने पत्रकारवार्ता में बताया कि हाता निवासी मंजू वर्मा (62) एक निजी स्कूल में पढ़ाती थीं। नौ जनवरी को उनका शव घर के अंदर जला हुआ मिला था।

घर के दरवाजे की कुंडी बाहर से लगी थी। दरवाजे पर एक नोट भी लिखा था कि ‘मेरी मौत के जिम्मेदार पड़ोसी होंगे’। यह नोट हत्या की तरफ इशारा कर रहा था। शिक्षिका का मोबाइल फोन गायब था। पुलिस को जांच पड़ताल के दौरान किरायेदार धर्मेंद्र वर्मा गायब मिला। इस पर शक की सूई उसकी ओर घूम गई।

पिता के साथ काफी समय से संबंध थे
बुधवार को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से आरोपी धर्मेंद्र को अनवरगंज स्टेशन के पास स्थित सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्यालय के सामने से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से मंजू वर्मा का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। धर्मेंद्र वर्मा ने बताया कि उसके पिता और मंजू के काफी समय से संबंध थे।

छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती थी मंजू
वह कमाई मंजू को दे देते थे। मां की मौत के बाद से पिता अकेले थे। इससे उसे और उसके भाई को एतराज नहीं था। मंजू भी अकेली थी। वह और उसका भाई भीलवाड़ा राजस्थान में प्राइवेट नौकरी करते हैं। वह दिवाली पर घर आया था। इसके बाद आए दिन छोटी-छोटी बातों पर मंजू झगड़ा करती थी।

मुंह पर अखबार रखकर मार डाला
इसी से त्रस्त होकर नौ जनवरी को शराब पी। इसके बाद रात करीब दो बजे मंजू के घर का दरवाजा खुला देख भीतर घुस गया। सोते समय मंजू के मुंह पर अखबार रखकर मार डाला। इसके बाद आग लगाकर भाग भीलवाड़ा भाग गया। बुधवार को लौटा, तो पुलिस ने दबोच लिया।
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अमर उजाला ने पहले ही कर दिया था खुलासा
मंजू वर्मा की हत्या किरायेदार ने ही की थी। इस बात का खुलासा अमर उजाला ने 13 जनवरी के अंक में कर दिया था।
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