कानपुर। राज्य कर उपायुक्त धीरेंद्र कुमार ने फर्जी फर्म बनाकर 6.47 करोड़ रुपये की कर चोरी करने में बेकनगंज थाने में दो एफआईआर दर्ज कराई हैं। इसमें तीन महिलाओं समेत पांच आरोपी शामिल हैं। यह फर्में कई साल से कागजों पर कारोबार कर रही थीं। जांच हुई तो फर्म की जगह आवास मिला।
एसजीएसटी के उपायुक्त धीरेंद्र कुमार की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक 21 नवंबर 2019 को हीरामन का पुरवा स्थित फर्म के पंजीकृत व्यापार स्थल की जांच हुई। इसमें कोई व्यावसायिक गतिविधि, कार्यालय, बही खाता नहीं मिला। मौके पर मौजूद मर्सरत ने पति दिलशाद आलम से बातचीत कराई। उन्होंने स्वीकार किया कि यहां कोई फर्म नहीं चलती है। फर्म स्वामिनी चकेरी निवासी शबाना उनकी संबंधी हैं।
फर्म ने 2018-19 में 9.70 करोड़ और 2019-20 में 19.09 करोड़ रुपये की बोगस आउटवर्ड सप्लाई घोषित की थी। वर्ष 2018-19 में 1.70 करोड़ और 2019-20 में 3.43 करोड़ इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनधिकृत लाभ उठाने के साथ राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई। तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
इसी तरह अन्य फर्म के हीरामन का पुरवा स्थित पते पर सात अगस्त 2019 को जांच हुई। यहां भी फर्म की जगह आवास पाया गया। मौके पर कुली बाजार निवासी महफूज अली के अलावा मकान मालिक मो. नौशाद की मां मिलीं। उन्होंने किसी तरह की जानकारी से इंकार किया। फर्म स्वामिनी काकादेव निवासी तब्बसुम फातिमा हैं। जीएसटी रिटर्न के विश्लेषण से पता चला कि बिना कोई वास्तविक आपूर्ति किए वित्तीय वर्ष 2019-20 में 7.35 करोड़ की बोगस आउटवर्ड सप्लाई घोषित की गई थी। फर्म ने 2019-20 में 1.34 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की। महफूज अली, मो. नौशाद और तब्बसुम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई।