उन्नाव जिला अस्पताल में भर्ती महिला मरीज को ब्लड दिलाने के नाम पर अस्पताल के ही दो कर्मचारियों ने उसके पति से पांच हजार रुपये ले लिए। रविवार को जब युवक से बात की गई तो उसने ब्लड न मिलने की बात कही। ब्लड का सौदा कराने में अस्पताल के ही एक रसोईयां व सफाई कर्मचारी का नाम सामने आ रहा है, लेकिन लिखित शिकायत न होने पर अधिकारी भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
विवेकानंद लाइफ यूथ सेवर्स के पदाधिकारियों ने 23 मार्च को जिला अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया था। संस्था के अध्यक्ष अनुराग सिंह शनिवार को डोनर कार्ड लेने ब्लड बैंक गए थे। वहां वार्ड नंबर दो में भर्ती हुसैन नगर निवासी सुंदारा के पति रामसागर से अस्पताल के ही दो कर्मचारी एक यूनिट ब्लड दिलाने के नाम पर पांच हजार रुपये का सौदा किया। बाद में 4200 रुपये में सौदा तय हुआ।
उस समय तक तीमारदार के साथ कोई भी डोनर मौजूद नहीं था। तीमारदार ने दलाल कर्मचारियों को मुंह मांगी रकम दी थी। मगर रविवार को जब रामसागर से पूछा गया तो उसने बताया कि अभी ब्लड उसे नहीं मिल पाया है। वार्ड में बैठी स्टाफ नर्स से जब ब्लड चढ़ने की जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि ब्लड कब चढ़ना है यह डाक्टर ही बता सकते हैं। सीएमएस डा. एसपी चौधरी ने बताया कि मामला जानकारी में आया था। मगर अभी तक शिकायत नहीं मिली है। फिर भी जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा कार्रवाई की जाएगी।
इसके पहले चढ़ चुका है तीन यूनिट ब्लड
रामसागर ने बताया कि पत्नी सुंदारा का पैर टूट गया था। दो मार्च को उन्होंने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डाक्टर ने पहले दो यूनिट ब्लड चढ़ाने की बात कही थी। जिसे कानपुर से मंगाकर चढ़वा दिया था। शुक्रवार को डाक्टर ने तीसरी यूनिट ब्लड चढ़ाने की बात कही थी। मगर डोनर न होने से ब्लड नहीं मिल पा रहा था। इस पर उन्होंने एक युवक से ब्लड दिलाने को कहा था। उसने 4200 में ब्लड दिलाने की बात कही थी।