लू में सेहत को सुरक्षित रखने में दादी-नानी के नुस्खे कवच का काम करते हैं। अगर इनका इस्तेमाल किया जाए तो शरीर में पानी की कमी नहीं होगी। साथ ही शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बनी रहेगी। भीषण गर्मी में शरीर के अंदर ऑक्सीजन कम न होने देने का नुस्खा अचूक है।
अगर तड़के मॉर्निंग वॉक कर शुद्ध हवा ले तो दिनभर व्यक्ति के शरीर में ऑक्सीजन की कमी नहीं होती है और वह कम थकन महसूस करेगा। खाने के लिए बताई गईं चीजें शरीर में मिनरल्स और विटामिन की कमी नहीं होने देतीं।
दादी-नानी के नुस्खों में सेवन के लिए बताई गईं अधिकांश चीजें किचन में उपलब्ध रहती हैं। पूर्व आयुर्वेदिकत्व एवं यूनानी क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. निरंकार गोयल ने बताया कि तड़के हवा खाने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है जिससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
पुराने नुस्खे मौसम और शरीर में आने वाले बदलाव के बीच सामंजस्य बैठाने के लिए तैयार किए गए हैं। मौसम के हर बदलाव का असर शरीर पर पड़ता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता घटती है। अगर इन नुस्खों का सेवन किया जाए तो व्यक्ति चुस्त रहेगा। गर्मी में देर रात भोजन लेने से मना किया गया है। इससे पित्त, वात और कफ दोष बढ़ता है।
यह करें इस्तेमाल
- आम का पना, बेल का शरबत और पुदानी के अर्क का इस्तेमाल करें।
- सौंफ, जीरा, अजवायन को भूनकर काला नमक मिलाकर आधा चम्मच सुबह-शाम सेवन करें।
- तेज गर्मी से हाइपर एसिडिटी होने पर नारियल के पानी का सेवन करें।
- पेठा का इस्तेमाल करें।
- नीबू का शरबत, कच्चे प्याज का सेवन लू से बचाता है।
- धनिया को पानी में भिगोकर रखें, फिर मसल कर छानें और मिश्री मिलाकर सेवन करें।
- मुस्ता, पर्पट, उशीर चंदन, नागर, उदीच्य को पानी में उबालकर पिएं, इससे पित्त शांत होता है।