हाईवे पर कार, ट्रक और अन्य चार पहिया वाहन चलाने वाले ड्राइवर अक्सर झपकी आने पर हादसे का शिकार हो जाते हैं। इन हादसों में ड्राइवर समेत कई अन्य की जान भी चली जाती हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए कानपुर आईआईटी के छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) पर आधारित एक ऐसी डिवाइस बनाई है जो गाड़ी चलाते समय ड्राइवर को झपकी आने पर अलर्ट कर देगी।
इस डिवाइस में कई सेंसर लगे हैं। इसे किसी भी चार पहिया वाहन में ड्राइवर सीट के ठीक सामने लगाया जा सकता है। अगर आप चश्मा पहनते हैं तो इसे चश्मे से भी जोड़ा जा सकता है। इस डिवाइस में एक सेंसर लगा है जो ड्राइवर के दिमाग को रीड कर सकेगा और झपकी आने की स्थिति पर अलार्म के रूप में बज उठेगा।
बीटेक फाइनल ईयर की परीक्षा दे चुके छात्र कौस्तुभ मुंद्रा और संकल्प रस्तोगी ने यह डिवाइस तैयार की है। कौस्तुभ बताते हैं कि इसका परीक्षण कैंपस में किया जा चुका है। डिवाइस को गाड़ी में लगे साउंड सिस्टम या फिर मोबाइल से कनेक्ट किया जा सकता है।
ऐसे में अगर ड्राइवर को झपकी आती है तो मोबाइल बज उठेगा या फिर अगर साउंड सिस्टम से कनेक्ट होगा तो सिस्टम से अलार्म बजने लगेगा। इस डिवाइस में एक्सलेरोमीटर, इंफ्रारेड थर्मल, जायरोस्कोप आदि सेंसर लगाए गए हैं।
सैमसंग दे चुका इनोवेशन अवॉर्ड
इस डिवाइस को सैमसंग की तरफ से इनोवेशन अवार्ड और बेस्ट स्टार्टअप का अवार्ड भी मिल चुका है। कौस्तुभ बताते हैं कि पहले लेवल की रिसर्च पूरी होने के बाद अब वह इसमें कुछ और सुधार करने की कोशिश में जुटे हैं। सब कुछ ठीक होने के बाद इसे लांच करने की तैयारी की जाएगी।
झपकी ने ली थी एक परिवार के पांच लोगों की जान
नौबस्ता के केसर विहार निवासी रोहित मिश्रा परिवार के 11 लोगों केसाथ फरवरी में राजस्थान गए थे। खाटू श्याम मंदिर और बालाजी मंदिर में दर्शन कर जब वह वापस कानपुर लौट रहे थे तो आगरा केशाहगंज केपास रोहित को झपकी आ गई थी। इससे उनकी स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें रोहित सहित उनकी मां मंजू (45), चचेरी बहन रिया (19), ममेरे भाई हर्ष (09) और बुआ रानी तिवारी उर्फ अंजना (44) की मौत हो गई थी।