कानपुर देहात। शासन ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से जिले के परिषदीय स्कूलों के लिए 3738 टैबलेट मुहैया कराए हैं। इस पर शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराए जाने के साथ एमडीएम में छात्रों की उपस्थिति, स्टॉक रजिस्टर, आय-व्यय का ब्योरा सहित 11 कार्य किए जाने के निर्देश हैं। कार्य में कोई बाधा न हो, इसके लिए टैबलेट के सिम को रिचार्ज कराने के लिए प्रति 200 रुपये दिए जाते हैं। इसके बावजूद शिक्षक इनका उपयोग न कर रजिस्टर पर सभी कार्य कर रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2024-25 में जिले को 3024 टैबलेट दिए हैं। जबकि 2025-26 में 714 और टैबलेट उपलब्ध कराए हैं। स्कूलों में मरम्मत व अन्य कार्य के लिए 50 प्रतिशत कंपोजिट ग्रांट जारी करने के दौरान 36, 28, 800 रुपये टैबलेट के सिम को रिचार्ज कराने के लिए बजट जारी किया है, लेकिन यह बजट किस काम का जब टैबलेट का उपयोग ही नहीं हो रहा हो।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शुक्रवार को पड़ताल की तो पता चला कि शिक्षक टैबलेट लेकर स्कूल तो आते हैं, लेकिन यहां यह शोपीस बनकर रखा रहता है। शिक्षको से जब इसके बारे में जानकारी की गई, तो कुछ ने बताया कि शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने इसका उपयोग करने से मना कर रखा है। हालांकि रजिस्टर पर इंट्री करने के बाद डेटा को टैबलेट पर अपलोड कर दिया जाता है।
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केस-1
संगठन के नेताओं का है विरोध, निजी फोन से करते हैं काम
झींझक के कृपालपुर संविलियन विद्यालय पहुंचने पर शिक्षक पंजीकृत 137 में उपस्थित 110 बच्चों को पढ़ाते मिले। प्रधानाध्यापक ममता शुक्ला से जब टैबलेट का उपयोग न किए जाने का कारण पूछा तो बताया कि शिक्षक संगठन के पदाधिकारी इसके उपयोग करने का विरोध कर रहे हैं। छात्रों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए निजी फोन का प्रयोग कर पढ़ाए जाने के साथ सभी डेटा को अपलोड किया जा रहा है।
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केस-2
हाजिरी के नहीं मिले आदेश, रजिस्टर पर दर्ज होती है उपस्थिति
सिकंदरा के जवाहर नगर प्राथमिक स्कूल में पहुंचे तो शिक्षक पंजीकृत 125 में मौजूद 74 को पढ़ते मिले। प्रधानाध्यापक अरुण सिंह ने बताया कि टैबलेट से छात्रों की हाजिरी लगाए जाने का आदेश नहीं प्राप्त हुआ है। इनकी उपस्थिति रजिस्टर पर लगाई जा रही है। अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद इनकी हाजिरी लगाने का कार्य भी किया जाएगा। इसके अलावा एमडीएम की इंट्री, पत्राचार व अन्य कार्य किए जा रहे हैं।
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केस-3
टेबलेट करता है हैंग, काम करने के दौरान नेटवर्क देता दगा
रनियां के किशरवल प्राथमिक विद्यालय में पहुंचने पर प्रधानाध्यापक व शिक्षामित्र टैबलेट पर डेटा अपलोड करते मिले। प्रधानाध्यापक संगीता देवी ने बताया कि विद्यालय को टैबलेट तो एक वर्ष पहले ही मुहैया करा दिए गए हैं, लेकिन इसका उपयोग अब शुरू किया गया है। कार्य करने के दौरान टेबलेट हैंग करने लगता है। जब बच्चों को पढ़ाने के लिए इसका उपयोग करने का प्रयास किया जाता है, तो नेटवर्क न होने से समस्या होती है। बच्चों की छुट्टी होने के बाद निजी फोन से नेट कनेक्ट कर डेटा अपलोड करने का काम किया जाता है।
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केस-4
चार्ज करने के लिए ले जाते हैं घर, स्कूल में बिजली की रहती समस्या
रसूलाबाद के अंता प्राथमिक स्कूल पहुंचकर देखा तो, शिक्षक दो बच्चों को पास में खड़ा कर पढ़ा रहे थे, लेकिन थोड़ी ही देर में पढ़ाई पूरी भी नहीं हो सकी और टैबलेट बंद हो गया। प्रधानाध्यापक राजेश कुमार ने बताया कि टैबलेट के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति अभी नहीं लगाई जा रही है। इसके अलावा अन्य कार्य किए जा रहे हैं। स्कूल में बिजली बार-बार आती जाती है। समस्या होने की वजह से टैबलेट को घर ले जाकर चार्ज कर डाटा अपलोड किया जाता है।
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वर्जन.........
शासन से जिले को 3738 टैबलेट शिक्षकों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इसके सिम को रिचार्ज कराने के लिए प्रतिमाह के हिसाब से प्रति टैबलेट 200 रुपये मिलते हैं। इससे उपस्थिति दर्ज किए जाने के साथ अन्य कार्य किए जाते हैं। टैबलेट स्कूल में है या नहीं इसके लिए गूगल मैपिंग की गई है। इसके माध्यम से लगातार निगरानी की जाती है। अगर कोई शिक्षक टैबलेट स्कूल नहीं लाता है, तो कार्रवाई जाएगी। - सौरभ श्रीवास्तव, डीसी प्रशिक्षण