24 घंटे जुकाम ठीक न हो और गले में खरास, नाक जाम, सांस लेने में तकलीफ हो तो अब आपको होशियार रहने की जरूरत है। इसे हल्के में बिल्कुल भी न लें। ये स्वाइन फ्लू के लक्षण हो सकते हैं।स्वाइन फ्लू का वायरस फर्स में आधा घंटा, कपड़ों में ढाई घंटा और सेंट्रल एसी में आठ घंटे जीवित रहता है।
कानपुर के जिला महामारी वैज्ञानिक डॉ. देव सिंह ने बताया कि जिनका जुकाम ठीक न हो रहा हो तो वे तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। ये लक्षण स्वाइन फ्लू के हैं। समय रहते जांच होने से इलाज संभव है।
स्वाइन फ्लू से बचाव के उपाय
- भीड़भाड़ वाले स्थानों, अस्पतालों, मॉल जाने से बचें।
- हाथ मिलाने के बजाय भारतीय शैली में नमस्कार करें।
- यदि स्वाइन फ्लू के मरीज से बात ही करना पड़े तो सामने से न करें, बल्कि बगल में खड़े होकर बात करें।
- छींक या खांसी आए तो रुमाल लगाएं।
- चेहरे पर मास्क लगाएं।
- अस्पताल या अन्य सार्वजनिक स्थान से लौटकर हाथ धोने के बाद ही चेहरे पर लगाएं।