फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो से ढाई हजार रुपए में लगवाएं स्वाइप मशीन

Sat, 19 Nov 2016 01:32 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
डेमो
विज्ञापन
हजार और पांच सौ के नोटों की बंदी के बाद करेंसी की किल्लत से जूझ रहे लोगों को अब ई-पेमेंट सिस्टम की याद आई है। व्यापारी और दुकानदार यदि पहले से ही इस व्यवस्था के लिए तैयार होते तो ऐसे दौर में उनके कारोबार पर संकट नहीं पड़ता। हालांकि अभी भी ई-पेमेंट सिस्टम को अपनाने का सही समय है। कोई भी दुकानदार, व्यापारी या सेवा प्रदाता महज दो से ढाई हजार रुपये में अपने प्रतिष्ठान पर स्वाइप मशीन लगवा सकता है। अलग अलग बैंकों में इसके चार्ज में मामूली अंतर हो सकता है। कैश की किल्लत की वजह से व्यापार प्रभावित होने के बाद व्यापारी भी जागरूक हुए हैं। बैंकों ने भी तमाम ऑफर दिए हैं। आप भी जानिए कैसे लग सकती है स्वाइप मशीन। 
विज्ञापन


बैंक में करें आवेदन 
व्यापारी स्वाइप मशीन के लिए किसी भी बैंक की शाखा में आवेदन कर सकता है। इसके लिए संबंधित बैंक में एक एकाउंट खोला जाता है। इसमें कम से कम 25,000 रुपये हर समय होने चाहिए। खाता खुलने के बाद बैंक की ओर से स्वाइप मशीन प्रतिष्ठान पर लगाई जाती है। इसके लिए फीस के तौर पर (वन टाइम चार्ज) दो से ढाई हजार रुपये लिए जाते हैं। खाते में जमा रकम सिक्योरिटी मनी के तौर पर होती है। 

तीन तरह की होती है मशीन 
डेबिट, क्रेडिट कार्ड स्वाइप मशीन तीन तरह की होती है। एक जीपीआरएस युक्त, दूसरी लैंडलाइन से चलने वाली और तीसरी मोबाइल प्वाइंट ऑफ सेल (एमपीओएस)। जीपीआरएस युक्त स्वाइप मशीन को शहर के अंदर कहीं भी ले जाया जा सकता है। लैंडलाइन से चलने वाली मशीन एक जगह स्थापित रहती है। मोबाइल प्वाइंट ऑफ सेल मशीन बड़े वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर लगाई जाती है। मसलन पेट्रोल पंप, शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल आदि। 
विज्ञापन


.75 फीसदी की होगी कटौती 
व्यापारी माल की बिक्री के बदले में डेबिट कार्ड से यदि 2000 रुपये तक प्राप्त करता है तो उससे .75 प्रतिशत का चार्ज काटा जाएगा। क्रेडिट कार्ड से स्वाइप करने पर यह चार्ज औसत 1.65 प्रतिशत है। यह चार्ज व्यापारी से कटेगा। खरीदने वाले से नहीं। इसी चार्ज की कटौती के लिए 25 हजार रुपये जमा कराए जाते हैं। 
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें