स्वाइन फ्लू का संक्रमण हवा में समा गया है। कानपुर के दो दर्जन से अधिक मोहल्लों के लोगों के सैंपल जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजे गए। इनमें अधिकांश रोगी पहले निजी पैथोलोजिकल लैब से पॉजीटिव आए और कुछ माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने पुष्ट कर दिए। तीन-चार रोगियों को छोड़कर बाकी किसी रोगी की बाहर जाने की हिस्ट्री नहीं है। उन्हें संक्रमण उनके इलाके से ही मिला है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग घबराएं नहीं, समय से दवा खा लें। स्वाइन फ्लू संक्रमण के बाद सिर्फ 20 फीसदी रोगी ही गंभीर होते हैं।
शुरुआत में एक महिला समेत तीन रोगी ऐसे आए जिनकी राजस्थान, दिल्ली जाने की हिस्ट्री मिली है। इसके बाद माइक्रोबायोलॉजी की लैब से पुष्ट 17 रोगियों को संक्रमण कहां से मिला है, यह पता नहीं चला। रोगी शहर में ही रहे हैं। कहीं बाहर नहीं गए। इसका मतलब उन्हें संक्रमण शहर से ही हुआ। इसके अलावा निजी लैब से स्वाइन फ्लू पुष्ट हुए तकरीबन 60 रोगियों की भी कोई हिस्ट्री नहीं है। स्वाइन फ्लू पॉजीटिव रोगी शास्त्रीनगर, कल्यानपुर, बर्रा, नौबस्ता, जाजमऊ, मंधना, साकेतनगर, केशवपुरम, गोविंदनगर, काकादेव, किदवईनगर आदि इलाकों के हैं। सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला का कहना है कि जो रोगी पॉजीटिव आते हैं उन्हें दवा दे दे जाती है।