चित्रकूट में जूना अखाड़ा हरिद्वार रुड़की के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने पत्रकारों से बातचीत में कहा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों के हिस्से में आने के कारण चित्रकूट जिले का विकास नहीं हो पा रहा है। इसका पूरा हिस्सा उ.प्र. को मिलना चाहिए ताकि सही रूप से विकास हो सके। क्षेत्र को अलग केंद्र शासित की श्रेणी में रखकर संचालित किया जाना चाहिए।
तीर्थ क्षेत्र की पौराणिक मर्यादा से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। साथ ही नदियों के किनारे हो रहे पक्के निर्माण को विनाश का प्रतीक बताया। धर्मनगरी स्थित शिवहरे धर्मशाला में शनिवार को महामंडलेश्वर ने कहा कि मां मंदाकिनी को गंदा करने वालों के खिलाफ प्रशासन कड़ी कार्रवाई करे। साथ ही नमामि गंगे की तर्ज पर मां मंदाकिनी का सफाई अभियान चले।
चित्रकूट उप्र का तीर्थ क्षेत्र है। दो प्रदेशों के बीच में होने के कारण यहां का विकास अधर में लटका है। केंद्र सरकार क्षेत्र के साथ न्याय करे। साथ ही बताया कि वे विकास विरोधी नहीं है। नदियां प्राकृतिक संपदा है, इसमें जलस्रोत एवं सहायक नदियां जुड़ी होती हैं। नदियों के किनारे कंक्रीट निर्माण न करें।