महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि जी महाराज
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आखिर जुम्मे की नमाज के बाद ही भय और आतंक का वातावरण क्यों रहता है, मुस्लिम धर्मगुरुओं को यह बात स्पष्ट करनी चाहिए। ऐसी कौन सी इबादत करते हैं और क्यों इतनी फोर्स लगानी पड़ती है। यह बात यूपी के हरदोई जिले में भाजपा नेता के आवास पर जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि जी महाराज ने कही।
यतींद्रानंद महाराज ने कहा कि पूरे विश्व की बात की जाए तो जब कोई भी इंसान आक्रोशित होता है और उसके मन में उग्र विचार आते हैं, इस दौरान वह किसी धर्म स्थल की शरण में जाए तो स्वाभाविक रूप से उसके अंदर का आक्रोश शांत हो जाता है।
मुस्लिम धर्मगुरु कहते हैं कि इस्लाम मोहब्बत और अमन का पैगाम देता है तो फिर जुम्मे की नमाज के बाद लोग और आक्रोशित क्यों हो जाते हैं। दंगा-फसाद क्यों शुरू हो जाता है। मुस्लिम धर्मगुरु इस बात को स्पष्ट करें।