दंगा पीड़ितों से घूस मांगने के आरोप में जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने तहसील के क्लर्क को सस्पेंड कर दिया है। आरोपी क्लर्क , कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ का अध्यक्ष भी है। गुरुद्वारा भाई बन्नो साहब के प्रधान मोहकम सिंह ने कमिश्नर को एक पीड़ित से घूस मांगने की वॉइस रिकार्डिंग सुनवाई थी।
बाद में इसकी सीडी बनवाकर डीएम को दी गई थी। एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया क्लर्क घूस मांगने का दोषी निकला। इसलिए डीएम ने उसे सस्पेंड कर दिया है। 1984 के दंगा पीड़ितों को पांच लाख रुपये मुआवजा मिलना है।
शहर में 127 दंगा पीड़ित हैं। तहसील से इनका सत्यापन होना है। यह काम तहसील के क्लर्क राजेश सचान देख रहे हैं। गुरुद्वारा भाई बन्नो साहब के प्रधान मोहकम सिंह ने कमिश्नर से शिकायत की थी कि राजेश सचान दंगा पीड़ितों से मुआवजा दिलाने के नाम पर घूस मांग रहे हैं।
कमिश्नर को उन्होंने घूस मांगने की बातचीत की रिकार्डिंग सुनवाई। इसमें क्लर्क पीड़ित सरकार राकेश सिंह की मां अरविंदर कौर को मुआवजा राशि दिलाने के नाम पर दस हजार रुपये की मांग कर रहा था। बातचीत की रिकार्डिंग में आरोपी क्लर्क कई और पीड़ितों से घूस लेने की बात कहते हुए, घूस को जायज ठहरा रहा था।
कमिश्नर ने डीएम से इस मामले की जांच कराने को कहा था। बाद में मोहकम सिंह ने डीएम से मुलाकात कर सीडी उन्हें सौंपी।