पुखरायां (कानपुर देहात)। भोगनीपुर थाना के गिरदौं में शनिवार को महिला की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या की गुत्थी को पुलिस ने मंगलवार सुलझा ली। पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी चचेरे देवर ने बताया कि उसे भाभी के चरित्र पर शक था, इस पर उसने वारदात के दिन चाय बनाने के बहाने उन्हें घर बुलाया और कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
अपराध निरीक्षक वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि आरोपी रोहित उर्फ छोटू को सोमवार को गौराडांडा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। उसने पुलिस पूछताछ में बताया की उसके पिता श्यामबाबू मजदूरी करते हैं। वह 25 जुलाई की सुबह पिता को पुखरायां छोड़कर घर लौट आया था। बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से चचेरे भाई पंकज की पत्नी प्रियंका के चाल-चलन से काफी नाराज था। प्रतिदिन रात 9.30 बजे से 12.30 बजे तक मोहल्ले की लाइट नहीं रहती थी। इसी अंधेरे में कुछ लोग भाभी के घर पर आते थे। जिनको आते-जाते वह रोज देखता था। इस बात को लेकर उसके अंंदर काफी क्रोध बढ़ गया।
25 जुलाई की दोपहर दो बजे के करीब वह भाभी प्रियंका के घर पर सब्जी लेने गया। उनसे सब्जी लेकर उनको चाय बनाने के बहाने घर पर बुलाया। बताया कि जब प्रियंका चाय बनाने के लिए उसके घर आई, तभी उसने पीछे से उन पर कुल्हाड़ी से दो वार किए। एक वार गले पर और दूसरा चेहरे पर किया। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई और वह घर से भाग गया था।
बता दें कि शनिवार को गिरदौं निवासी पंकज की पत्नी प्रियंका (25) का शव चाचा के मकान में खून से लथपथ मिला था। पास में कुल्हाड़ी पड़ी मिली थी। घटना की जानकारी पर पहुंचे पति पंकज ने अपने चचेरे भाई रोहित उर्फ छोटू पर हत्या किए जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने तहरीर पर रोहित के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। अपराध निरीक्षक वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेजा गया है।
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पति बोला पत्नी नहीं थी गलत, हत्यारोपी का बयान मनगढंत
प्रियंका की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी रोहित उर्फ छोटू ने जो पुलिस को बयान दिए, उससे परिवार के लोग संतुष्ट नहींं हैं। प्रियंका के पति पंकज ने बताया कि पत्नी कतई गलत नहीं थी। आरोपी के बयान मनगढ़ंत हैं। कहा कुल्हाड़ी मौके पर ही सभी के सामने बरामद हो गई थी। जिसको पुलिस ने पहले अपनी गाड़ी में रख लिया था। जब फॉरेंसिक टीम आई थी तब उन्होंने गाड़ी से फिर कुल्हाड़ी मंगवाई थी। तहरीर में महिला समेत चार के नाम दिए थे लेकिन प्राथमिकी एक के खिलाफ ही दर्ज कर गिरफ्तारी दिखाई गई है। जिसकी न्यायालय में फरियाद करेंगे।