रूरा। अमृत- 2 योजना के तहत नगर में पाइप लाइन से हर घर को जोड़ने की पुनर्गठन पेयजल योजना के लिए जल निगम नगरीय के इंजीनियरों की टीम ने सर्वे कार्य शुरू किया है। इसके बाद डीपीआर मंजूरी के लिए नगर विकास अनुभाग भेजी जाएगी।
शासन स्तर से अब नगरीय और ग्रामीण आबादी के अनुसार जल निगम को अलग कर दिया गया है। गांवों में जल निगम ग्रामीण और नगरीय आबादी में जल निगम नगरीय पेयजल आपूर्ति व दुरुस्तीकरण के लिए अधिकृत है। नगर पंचायत में करीब 2 हजार घरों में पेयजल आपूर्ति टंकी से होती है। लेकिन पूरी आबादी अभी पेयजल पाइप लाइन से जुड़ी नहीं है। जबकि पुरानी जरूरत के अनुसार प्रति व्यक्ति पेयजल के अनुसार टंकी डिजाइन है। इससे पेयजल किल्लत बनी रहती है। कई वार्डाें में नई आबादी वाले हिस्से में पाइप लाइन बिछाई जानी है तो नई टंकी बनाने की जरूरत है। इसको लेकर अमृत 2 योजना से नगरीय आबादी की जरूरत के अनुसार पाइप लाइन बिछाने व टंकी निर्माण का काम कराया जाना है। शासन स्तर से चालू की गई इस योजना में अनुमानित 8 करोड़ के खर्च का अनुमान है। इसी के तहत शनिवार को जल निगम नगरीय के इंजीनियरों की टीम ने सर्वे कार्य शुरू किया। जेई अमित कुमार व अभिषेक सिंह ने बताया कि अकबरपुर रोड व डेरापुर रोड पर सर्वे कार्य शुरू कराया गया है। सर्वे पूरा करने के बाद डीपीआर बनाई जाएगी। ईओ नीलाब शाल्या ने बताया कि अमृत 2 योजना में नगरीय निकाय में आबादी के अनुसार हर घर में जलापूर्ति की जरूरत को देखते हुए परियोजना बनाई जानी है। अब प्रति व्यक्ति हर दिन 135 लीटर पानी की जरूरत के अनुसार टंकी का डिजाइन बनेगा। करीब 8 करोड़ रुपये परियोजना व्यय अनुमानित है।