रेल बजट में कानपुर को ट्रेन भले ही न मिली हो लेकिन शहर की सबसे बड़ी समस्या अनवरगंज से कल्याणपुर के बीच पड़ने वाली रेलवे क्रासिंगों की वजह से लगने वाले जाम का हल निकालने की शुरुआत हो गई है।
बजट में प्रस्ताव हुआ है कि कानपुर अनवरगंज-कासगंज रोड पर छह ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। अगर यह बन जाएंगे तो लाखों की आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। यदि हम रेलवे के पिछले तीन सालों की घोषणाओं को देखें तो उनमें से अधिकतर अधूरी ही हैं।
जीटी रोड को जाम से निजात दिलाने के लिए सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने अनवरगंज से कल्याणपुर के बीच पड़ने वाली रेलवे क्रासिंगों पर ओवरब्रिज बनाए जाने के लिए सर्वे कराया था। सांसद ने अपनी टीम की रिपोर्ट को रेल मंत्रालय भेजा था। साथ ही रेलमंत्री से भी इस बारे में बात की थी।
सांसद के प्रस्ताव को रेल बजट में शामिल किया गया है। कानपुर-अनवरगंज यार्ड रोड पर अनवरगंज से कल्याणपुर के बीच एक नंबर क्रासिंग (अनवरगंज तेजाब मिल कालोनी), दो नंबर क्रासिंग (जरीब चौकी क्रासिंग), तीन नंबर क्रासिंग (गुमटी नंबर-पांच क्रासिंग), सात नंबर क्रासिंग (रावतपुर रेव मोती वाली क्रासिंग) और 10 नंबर क्रासिंग (गुरुदेव पैलेस क्रासिंग), 13 नंबर क्रासिंग (कल्याणपुर क्रासिंग) पर ओवर ब्रिज बनाए जाने की घोषणा की है।
कानपुर-ऊंचाहार एक्सप्रेस को वाया कानपुर प्रतिदिन चलाने की बात कही गई है। इसके अलावा रेल बजट में कानपुर को अलग से कुछ नहीं मिला है।
मथुरा तक होगा विद्युतीकरण
कल्याणपुर से कासगंज और मथुरा तक रेल लाइन का विद्युतीकरण कराए जाने की मांग काफी समय से चल रही थी। इस बार प्रभु ने अरज सुन ली है। रेल बजट में इस रेल मार्ग का विद्युतीकरण कराए जाने का प्रस्ताव है। 338 किलोमीटर लंबी इस रेलवे लाइन के विद्युतीकरण के लिए 305.9 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है।
इससे फायदा होगा कि अगर हावड़ा रूट पर कोई रेल हादसा हो जाता है, जिससे ट्रैक बाधित हो जाए। दिल्ली-हावड़ा रूट की ट्रेनों को यहां रोका जा सकेगा।