सुप्रीम कोर्ट की सीनियर एडवोकेट फ्लेविया एग्निस
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सुप्रीम कोर्ट की सीनियर एडवोकेट और वूमेंस राइट्स एक्टिविस्ट फ्लेविया एग्निस ने कहा कि उत्पीड़न पर एक बार की खामोशी हमेशा के लिए दर्द बन सकती है। इसलिए उत्पीड़न को बर्दाश्त न करें, बगैर झिझक इसका सामना करें। देश का संविधान आपको न्याय दिलाएगा। आईआईटी कानपुर में शनिवार को हुए ‘कार्य संस्थानों में शारीरिक उत्पीड़न’ विषय पर उन्होंने छात्राओं से खुलकर बात की।
फ्लेविया एग्निस ने छात्राओं से कहा कि उत्पीड़न कोई भी कर सकता है। घर, परिवार का कोई सदस्य या दोस्त। स्कूल, कॉलेज में भी विकृत लोग अक्सर छात्राओं का उत्पीड़न करते हैं। ऐसे किसी भी मामले में अगर आपने आवाज नहीं उठाई तो हमेशा के लिए दर्द मिल जाएगा। जरूरी नहीं कि हर किसी के साथ ऐसी घटनाएं हों लेकिन यह दायित्व भी आपका है कि किसी दूसरे के साथ ऐसी घटना न होने दें।
उन्होंने छात्राओं को उनके अधिकार और कानूनी पहलुओं की भी जानकारी दी। इस दौरान एडवोकेट बिंदिया रॉव ने भी छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ हो रहे शोषण के खिलाफ सामाजिक बदलाव लाना होगा।