कानपुर के बर्रा में ठेकेदार सुनील यादव की हत्या के बाद साक्ष्यों को मिटाने में मदद करने वाले हत्यारोपियों के पिता रामकुमार की तलाश के लिए पुलिस ने उनका मोबाइल सर्विलांस पर लगा दिया है। इसके बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। बात दें हत्यारोपियों के पिता शव को ठिकाने लगाने में इस्तेमाल की गई स्कूटी को भी साथ ले गए हैं।
चार सितंबर को बर्रा में रहने वाले किरायेदार सोनू और मोनू विश्वकर्मा ने ठेकेदार को झांसा देकर बुलाया और सिर कूंचकर मार डाला था। घटना में हत्यारोपियों की मां चुन्नीदेवी, सोनू की पत्नी केसरी व पिता रामकुमार विश्वकर्मा भी साक्ष्य मिटाने में शामिल हुए थे। पुलिस ने सभी को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया।
पिता रामकुमार स्कूटी लेकर घर में ताला बंद कर फरार हो गया। थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगाया है। जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, रविवार को बर्रा चार के नाले में उस बोरी को भी खोजने का प्रयास किया गया, जिसमें हत्यारों ने ठेकेदार के कपड़े व चप्पलें डाल कर नाले में फेंकने की बात कबूली थी। बोरी का अभी तक कुछ पता नहीं लग सका।
जज्बा दिखाकर ठेकेदार की बेटी ने दी नीट की परीक्षा
पिता की मौत के बाद से ठेकेदार की बेटी अदिति गुमसुम रहने लगी। दुख की इस घड़ी में रिश्तेदारों ने अदिति को मां उर्मिला व छोटे भाई अनंत के भविष्य के लिए खुद का भविष्य संवारने के लिए प्रेरित किया। अदिति ने जज्बा दिखाते हुए रविवार को मेडिकल की प्रवेश परीक्षा कल्याणपुर डीपीएस कॉलेज में दी। अदिति ने कहा कि पापा उससे बहुत प्यार करते थे और वह उन्हें कभी भूल नहीं पाएगी। अदिति के अनुसार उसके पापा उसे डॉक्टर बनाने का सपना देखते थे, जिसे उसने पूरा करने का दंभ भरा।