फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक पति, दो पत्नियां और 12 मुकदमे, पहली तीन महीने तो दूसरी दो महीने में ही छोड़कर चली गई

Wed, 31 Oct 2018 12:42 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- पहली पत्नी तीन महीने तो दूसरी दो महीने में ही छोड़कर चली गई
- तीनों ने एक-दूसरे पर दर्ज कराएं हैं मुकदमे
विज्ञापन
1 of 5
डेमो पिक
कानपुर के एक व्यक्ति ने शादी की लेकिन उसे धोखा मिला। बुरा सपना समझकर सबकुछ भूल दूसरी शादी कर जीवन की नई शुरुआत करने की कोशिश की तो दूसरी पत्नी ने भी उसे छोड़ दिया। दो महिलाओं, उनके परिजनों-प्रेमियों की साठगांठ और कानूनी दांवपेंच में यह व्यक्ति ऐसा उलझा कि उसको महीने में दो सप्ताह अदालतों के चक्कर काटते बीत रहे हैं। जिंदगी में एक बार फिर वह वहीं खड़ा है जहां से वह चला था लेकिन अब स्थितियां बहुत बदल चुकी हैं। कानून की नजर में अब उसकी एक नहीं, दो पत्नियां हैं। हिन्दू परंपरा के अनुसार अनजाने में ही सही, लेकिन आशीष एक अनचाहा अपराध कर बैठा है।
विज्ञापन

2 of 5
डेमो पिक
दो पत्नियों में उलझा आशीष
जूही थानांतर्गत विनोबा नगर निवासी आशीष गुप्ता ने किशन रोड रेलवे कालोनी झांसी निवासी रश्मि गुप्ता के साथ 27 जनवरी 2012 को हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार विवाह किया था। शादी के तीन महीने भी नहीं गुजरे थे कि 17 अप्रैल की सुबह रश्मि बिना कुछ बताए घर छोड़कर चली गई। आशीष ने रश्मि को मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी इस पर आशीष ने पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मुकदमा दाखिल कर दिया। मुकदमे के दौरान रश्मि के कोर्ट में हाजिर न होने पर 28 अप्रैल 2014 को कोर्ट ने एकपक्षीय आदेश सुनाते हुए आशीष और रश्मि का तलाक मंजूर कर लिया। तलाक के दो साल बाद 5 जून 2016 को आशीष ने बादशाहीनाका नौघड़ा निवासी ज्योति गुप्ता के साथ आर्यसमाज मंदिर से दूसरा विवाह कर लिया। दो महीने बाद 12 अगस्त को ही ज्योति भी आशीष को छोड़कर चली गई। मामले में नया मोड़ तब आया जब आशीष को पता चला कि उसकी पहली पत्नी रश्मि ने तलाक के मुकदमे को रेस्टोर करवाकर पुन: सुनवाई पर लगवा दिया है। अब आशीष दुधारी तलवार पर खड़ा था। पहली पत्नी का तलाक मान्य न होने पर दूसरा विवाह गले की फांस बन गया और जिंदगी की नई शुरुआत करने के लिए जिस महिला से दूसरी शादी की वह भी उसे छोड़कर चली गई।
विज्ञापन

3 of 5
डेमो पिक
यूं चला एक-दूसरे पर मुकदमे ठोंकने का सिलसिला
वर्तमान में स्थिति यह है कि पहली पत्नी रश्मि ने आशीष पर तीन मुकदमे ठोंक दिए वहीं दूसरी पत्नी ज्योति ने भी आशीष को तीन मुकदमों में फंसा दिया है। आशीष और रश्मि का तलाक का मुकदमा तो कोर्ट में लंबित चल ही रहा था, आशीष ने ज्योति की विदाई के लिए भी पारिवारिक न्यायालय में एक मुकदमा दाखिल कर दिया था। इसी बीच आशीष को जानकारी हुई कि ज्योति भी पहले से शादीशुदा थी। विवेक राजपूत नाम के व्यक्ति से उसने 12 जनवरी 2012 को शादी की थी लेकिन बिना तलाक लिए ही उसने आशीष से दूसरी शादी कर ली। संपत्ति के लालच में षड़यंत्र के तहत आशीष को शादी के झांसे में फंसाया गया। रश्मि, ज्योति और विवेक की मिलीभगत का संदेह होने पर आशीष ने तीनों के खिलाफ एसीएमएम तृतीय की अदालत में पुरुष घरेलू हिंसा का एक मुकदमा दर्ज कराया इसके अलावा ज्योति और रश्मि समेत दोनों के परिजनों के खिलाफ भी धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करवा दिया। न्यायालय में झूठा शपथपत्र देने के मामले में भी आशीष ने ज्योति और रश्मि के खिलाफ एसीएमएम तृतीय की अदालत में मुकदमा दर्ज कराया है। इस तरह विभिन्न अदालतों में आशीष और उसकी दोनों पत्नियाें ज्योति व रश्मि ने मिलकर एक दर्जन मुकदमे दर्ज करा रखे हैं।

4 of 5
डेमो पिक
किसने कौन से मुकदमे दर्ज कराए
रश्मि ने भरण-पोषण भत्ता के लिए परिवाद, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत परिवाद और दहेज उत्पीड़न व मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में एक मुकदमा दर्ज कराया है। ज्योति ने भी भरण-पोषण भत्ता के लिए परिवाद, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत परिवाद और विवाह की बात छिपाकर पुन: विवाह करने के जुर्म में मुकदमा दर्ज कराया है। आशीष ने पारिवारिक न्यायालय में ज्योति की विदाई का और रश्मि से तलाक का मुकदमा दर्ज करा रखा है। इसके साथ ही ज्योति, रश्मि और विवेक के खिलाफ पुरुष घरेलू हिंसा तथा ज्योति व रश्मि समेत उसके परिजनों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। ज्योति और रश्मि के खिलाफ न्यायालय में झूठा शपथपत्र देने के मामले में भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डेमो पिक
गलत पते पर चलता रहा मुकदमा
रश्मि को जब अदालत से तलाक का पता चला तो उसने 2014 में ही मुकदमे के रेस्टोरेशन के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया लेकिन इस प्रार्थना पत्र में रश्मि ने आशीष का गलत पता 427/395 लिखा। इस कारण आशीष को मुकदमे की जानकारी नहीं हो सकी। 1 अगस्त 2016 को रश्मि ने आशीष का सही पता संशोधित कर 127/395 किया। इसके बाद 5 जनवरी 2017 को तलाक का मुकदमा रेस्टोर हो गया और मामले में पुन: सुनवाई शुरू हो गई।

तलाक के मुकदमे के रेस्टोरेशन के दौरान रश्मि द्वारा कोर्ट में गलत पता दिया गया। इससे आशीष को मुकदमे की जानकारी नही मिल सकी। यदि सही समय पर आशीष को मुकदमे की जानकारी हो जाती तो वह दूसरी शादी नहीं करता और दो पत्नियाें के चक्कर में फंसकर उसे अदालत के चक्कर भी न काटने पड़ते। पति-पत्नियों के इस विवाद को देखकर अब विवाह की सामाजिक स्थिति पर भी चिंतन की जरूरत महसूस हो रही है। - डीएस मिश्रा, आशीष के अधिवक्ता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें