फेसबुक पर जितेंद्र ने पोस्ट किया सुसाइड नोट
जितेंद्र की फेसबुक आईडी में सौ से ज्यादा दोस्त है। उसकी ‘सुसाइड पोस्ट’ को तमाम दोस्तों ने देखा, लेकिन किसी ने उसको बचाने के लिए परिजनों से संपर्क करने की कोशिश नहीं की। बल्कि उसके तीन दोस्तों ने सुसाइड नोट को पसंद करते हुए लाइक किया।
मंगलवार की रात कानपुर कल्याणपुर में प्राइवेट कर्मी ने जान दे दी। उसका शव को केबल के सहारे पंखे पर लटका मिला। सुबह पिता उसको कमरे में जगाने गए। तब उसकी मौत का पता चला। कल्याणपुर अंबेडकरपुरम निवासी जितेंद्र कुमार गौतम (22) प्राइवेट कर्मी था। परिवार में पिता सुरेंद्र, मां राम जानकी, पत्नी सुमन और भाई अखिलेश है। उसने मई 2017 में प्रेम विवाह किया था। जितेंद्र की सास उसे पसंद नहीं करती थी। इसलिए जितेंद्र सुमन को मायके जाने से रोकता था।
भैयादूज पर सुमन ने जितेंद्र से मायके जाने के लिए कहा, लेकिन जितेंद्र ने उसे मना कर दिया। इसके बाद भी सुमन जितेंद्र की मर्जी के बगैर मायके चली गई। इसके बाद से जितेंद्र परेशान चल रहा था। उसने मंगलवार को दोपहर में 3.57 बजे फेसबुक पर सुमन के लिए पोस्ट किया कि सास मुझे भला-बुरा कहा है। तुम अपने पिता को रोको कि वह उनका साथ न दें। इसके बाद उसने रात को 10.15 बजे दोबारा फेसबुक पर पोस्ट डाला। यह पोस्ट उसका सुसाइड नोट था। इसमें उसने लिखा कि दुनिया वालो गुड बाय। अब पत्नी ने कहा मर जाओ। अब दुनिया में नहीं रहूंगा। सुबह पति उसको जगाने के लिए कमरे में गई तो उसका शव केबल के सहारे पंखे पर लटका था। माना जा रहा है कि उसने आखिरी पोस्ट के बाद खुदकुशी कर ली।