‘साईं बाबा आपने मेरी शादी क्यों करवाई, आपको पता है न कि मैं मम्मी-पापा को कितना प्यार करती हूं, यहां मुझे कोई नहीं समझता, मैं अंदर ही अंदर मर रही हूं। यहां कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बाबा सब मुझ पर इल्जाम लगा रहे कि मैं बुरी हूं...’ ये था शालिनी का सुसाइड नोट। जो उसने मरने से पहले केवल अपने मां-बाप के लिए लिखा था।
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अकेलापन और सुसराल वालों की रोज-रोज की यातनाओं से परेशान शालिनी ने आखिर खुद ही मौत चुन ली। उसका कुसूर बस इतना था कि वह बच्चे को जन्म नहीं दे पा रही थी। नि:संतान शालिनी (24) ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने मौके से दो पन्ने का सुसाइड नोट बरामद किया है। देर रात तक मायके वालों ने तहरीर नहीं दी थी।
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कानपुर किदवई नगर साइट नंबर वन कॉलोनी निवासी संदीप सोनकर सब्जी आढ़ती हैं। 2013 में संदीप की शादी हर्ष नगर निवासी जय प्रकाश की बेटी शालिनी (24) से हुई थी। संदीप की मां का निधन काफी पहले हो चुका है। ससुराल में संदीप, उसके पिता महेश हैं। संदीप और महेश आढ़त संभालते हैं। संदीप ने बताया कि गुरुवार दोपहर पिता महेश के साथ घर लौटे तो काफी देर तक गेट नहीं खुला। गेट तोड़कर भीतर गए तो शालिनी का शव फंदे से लटकते मिला। बाद में पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
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मायके पक्ष के लोगों ने भी ससुराल वालों के खिलाफ देर रात तक कोई तहरीर नहीं दी थी। बाबूपुरवा सीओ ने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला सुसाइड का लग रहा है। विवाहिता ने सुसाइड नोट में ससुराल वालों पर परेशान करने का आरोप लगाया है। मायके वाले तहरीर देंगे तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।