फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दर्दनाक: बीच सड़क पर अचानक आया गड्ढा, स्कूटी से हाथ छूटा...युवक की गिरकर मौत, परिवार में छाया मातम

Mon, 18 Dec 2023 09:43 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: शादी वाले घर में हादसे की सूचना पहुंची, तो मातम छा गया। इसके चलते जल्दी-जल्दी शादी की रस्में पूरी कराकर दुल्हन की विदाई करा ली। घर की महिलाओं को भी हादसे की बगैर जानकारी दिए इटावा भेज दिया गया।
विज्ञापन
kanpur road accident - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में इटावा से फुफेरे भाई की शादी में शामिल होने आए युवक की सरकारी अनदेखी से जान चली गई। शनिवार रात को यशोदानगर बाईपास की ओर गेस्ट हाउस जा रहे युवक की स्कूटी किदवईनगर में शनिदेव मंदिर के पास अचानक सामने आए गड्ढे में पड़कर अनियंत्रित हो गई।

विज्ञापन

स्कूटी से हाथ छूटने के बाद युवक सड़क पर गिर गया और सिर पर चोट आने से उसकी मौत हो गई। इटावा के पुरबिया टोला उत्तरी कोतवाली निवासी मुकेश कुमार की इटावा रेलवे स्टेशन पर ही कैंटीन है। बड़े बेटे संदीप ने बताया कि छोटा भाई भाई केतन वर्मा (37) परिवार के साथ शनिवार को किदवईनगर निवासी बुआ के बेटे की शादी में आया था।
देर रात करीब 12 बजे यशोदानगर स्थित हरे राम हरे कृष्णा गेस्ट हाउस में शादी में शामिल होने के बाद रिश्तेदार की स्कूटी से उनके घर जा रहा था। तभी किदवईनगर में केसा चौराहे से कुछ आगे बढ़ते ही स्कूटी बीच सड़क पर खुदे गड्ढे में पड़ गई। हाथ छूटने के बाद वह स्कूटी समेत सड़क पर गिर गया। बेल्ट खुली होने के हेलमेट भी निकल गया। सिर पर चोट आने से उसकी मौत हो गई।

विज्ञापन

जल्दी जल्दी कराई शादी, बिना बताए महिलाओं को भेज दिया घर
शादी वाले घर में हादसे की सूचना पहुंची, तो मातम छा गया। इसके चलते जल्दी-जल्दी शादी की रस्में पूरी कराकर दुल्हन की विदाई करा ली। घर की महिलाओं को भी हादसे की बगैर जानकारी दिए इटावा भेज दिया गया। कुछ रिश्तेदार रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और पीएम होते ही शव लेकर इटावा चले गए।

किदवईनगर की सड़कों पर हर थोड़ी दूर पर मौत के गड्ढे
किदवईनगर की सड़कें मौत की सड़क बन गई हैं। किदवईनगर चौराहे से संजयवन रोड के बीच सात मौत के गड्ढे हैं। यहां दबे मेनहोल के ढक्कन निकालकर सीवर सफाई की गई थी। कुछ जगह गड्ढों को बजरी व पत्थरों से भर दिया गया है।
विज्ञापन

शव पहुंचते ही मचा घर में कोहराम
दोपहर तक जब केतन घर नहीं पहुंचा, तो महिलाओं ने पूछना शुरू किया। विवाहित बहन नलिनी और मां कुसुमलता ने जब फोन कर भाई संदीप व अन्य लोगों से जानकारी की, तो सही जवाब न मिलने पर घबरा गईं। देर शाम जब घर शव पहुंचा, तो चीखपुकार मच गई। मां कुसुमलता घर की चौखट पर ही बेसुध होकर गिर गईं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें