कानपुर। 35 साल बाद ऐसी आपदा आई जिससे केस्को की बिजली 50 घंटे बाद भी नहीं सुधर सकी। तीसरे दिन सोमवार को भी करीब 15 प्रतिशत आबादी बिजली किल्लत से जूझती रही। पेड़ उखड़ कर गिरे तो केस्को को अपने पोल, केबल और ट्रांसफॉर्मर से शहरियों की बिजली आपूर्ति बहाल करने में नाको चने चबाने पड़ गए।
इससे पहले 1991 में भी इसी तरह नुकसान हुआ था। अब शनिवार की आंधी में शहर के बड़े-बड़े पीपल, गूलर, बरगद के पेड़ उखड़ कर गिरे तो केस्को के 270 पोल, डबल पोल स्ट्रक्चर, एलटी व हाईटेंशन लाइन और एबीसी लाइनें नौ किमी व एलटी, एचटी लाइनों के दस किमी डॉग कंडक्टर भी क्षतिग्रस्त हुए। इन्हें सुधारने में केस्को ने अपनी पूरी ताकत लगा दी लेकिन सोमवार रात तक पांच सब स्टेशनों से विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। कुछ जगह तो शनिवार रात तक आपूर्ति चालू हो गई लेकिन चेन फैक्टरी चौराहा, शास्त्रीनगर, नमक फैक्टरी, गुमटी प्लाजा, कंपनी बाग उपकेंद्रों में पेड़ हटाने और पोल व केबल लगाने का कार्य चलता रहा। इस वजह से शहर के करीब साढ़े सात लाख उपभोक्ताओं में से 15 प्रतिशत 48 घंटे बाद भी बिजली संकट से जूझते रहे। बिजली न आने से पानी की किल्लत भी हुई तो लोग कराह उठे।
हालांकि, केस्को का दावा है कि 97 सब स्टेशनों में से सिर्फ दो (नमक फैक्टरी और गुमटी प्लाजा) को छोड़कर सभी की आपूर्ति सोमवार शाम छह बजे तक बहाल कर दी गई थी। इन दो सब स्टेशनों को भी देर रात तक काम पूरा कर चालू कर दिया जाएगा। केस्को के मुताबिक प्राथमिक आकलन के मुताबिक उसे करीब 1.60 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
ये इलाके अंधेरे में
बिजली और पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों ने कहा कि मरम्मत कार्य में केस्को में कर्मचारियों की कमी भी आड़े आई। इस वजह से तीन दिन होने को है और अभी भी शास्त्रीनगर, विजयनगर, दर्शनपुरवा, नवाबगंज, दादानगर कच्ची बस्ती सहित करीब तीन दर्जन मोहल्लों में बिजली नहीं आई। कई इलाके तो ऐसे हैं जहां देर रात तक पेड़ हटे ही नहीं और इस वजह से मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका। अभी भी मरम्मत कार्य चलता रहेगा क्योंकि कई जगह केबल क्षतिग्रस्त हुई हैं।
जेनरेटर किराए पर मंगाकर चलाए फ्रिज
तीन दिन की बिजली किल्लत की मार चिकित्सा क्षेत्र में भी पड़ी। मेडिकल स्टोर पर 24 घंटे फ्रिज चलना चाहिए जिससे कुछ दवाएं खराब न हो लेकिन बिजली आपूर्ति ठप होने पर हैलट के आसपास, कॉर्डियोलॉजी के निकट सहित कई मेडिकल स्टोर संचालकों ने किराये पर जेनरेटर मंगाकर फ्रिज चलाए। यही हाल शहर के कई नर्सिंगहोम में भी रहा।
व्हाट्सएप ग्रुप्स पर शिकायतों की भरमार
केस्को ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सभी 97 सब स्टेशन के व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे हैं। इसके अलावा, हेल्प डेस्क, टोलफ्री नंबर भी हैं। आंधी-बारिश के बाद बेपटरी हुई शहर की बिजली आपूर्ति को लेकर इन व्हाट्सएप ग्रुप पर उपभोक्ता मैसेज कर बिजली आपूर्ति बहाल होने की जानकारी लेते रहे लेकिन उन्हें जवाब देने के लिए कोई अधिकारी आगे नहीं आया। हेल्पडेस्क और टोलफ्री नंबर पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया जिससे उपभोक्ता 48 घंटे से अधिक तक परेशान रहे।
बातचीत
कालपी रोड पर नहीं हटे पेड़
रविवार को एक हजार रुपये पर एक घंटे के लिए जेनरेटर मंगाकर घर में पानी भरा। तीन दिन से बिजली नहीं है। कालपी रोड पर अभी भी कई जगह पेड़ नहीं हटाए गए जिससे बिजली मरम्मत नहीं हो सकी है। - नरेंद्र गुप्ता गुड्डू, दर्शनपुरवा, कालपी रोड
कई ग्राहक लौट गए
गुमटी में पेंट की दुकान है। शनिवार से बिजली नहीं थी जिस कारण कंप्यूटर और मशीन नहीं चल सकी और कई ग्राहक लौट गए। इससे काफी नुकसान हुआ। सोमवार चार बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। - संजय अरोड़ा, साकेतनगर
तीन दिन से फ्रिज बंद
तीन दिन से बिजली नहीं आ रही, इस वजह से पान की दुकान पर शीतल पेय और पानी की बोतलें ठंडी नहीं हो पा रही हैं। सोमवार शाम बिजली आई तो राहत महसूस हुई। - सचिन चौरसिया, कबाड़ी मार्केट
वर्जन
पिछले साल मानसून के दौरान सिर्फ 50 से 60 पोल ही गिरे थे लेकिन शनिवार की आंधी-तूफान में 210 पोल क्षतिग्रस्त हुए। इस तरह का नुकसान कभी नहीं हुआ। बिजली आपूर्ति बहाल करने के बाद भी मरम्मत कार्य में अभी एक सप्ताह का समय और लगेगा। अब उपभोक्ताओं की दिक्कतों का समाधान करने के साथ ही एलटी लाइन बनाने का काम किया जाएगा। - सैमुअल पॉल एन, केस्को एमडी