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Subhash Chandra Bose Jayanti: यहां 21 साल से मालखाने में कैद है नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा

Sat, 23 Jan 2021 12:38 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
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मालखाने में कैद है प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला
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देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजाद कराने के लिए आजाद हिंद फौज का गठन करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस को कभी भी यह इल्म नहीं रहा होगा कि आजाद भारत में उनकी प्रतिमा तक स्थापित करना कठिन हो जाएगा।

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सरकार ने भले ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का एलान किया हो, लेकिन हरदोई में नेताजी की एक प्रतिमा 21 साल से मालखाने में कैद है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एकमात्र प्रतिमा पुलिस क्लब में लगी हुई है।

वर्ष 2000 में शिवसेना के तत्कालीन जिला प्रमुख रामवीर द्विवेदी ने शहर में मौनी बाबा मंदिर तिराहा के निकट स्थित नगर पालिका परिषद की भूमि पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित करने की कवायद शुरू की थी। 23 जनवरी 2000 को नगर पालिका की भूमि पर फाउंडेशन बनवाकर सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित कर दी गई थी।
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इसी बीच शहर कोतवाली की पुलिस मौके पर पहुंची और सब कुछ तहस-नहस कर दिया। सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। शांतिभंग की आशंका में दो लोगों का चालान कर प्रतिमा को जब्त कर लिया गया। तब से नेताजी की यह प्रतिमा मालखाने में ही कैद है। हर वर्ष सुभाष जयंती पर इस प्रतिमा की चर्चा होती है, लेकिन नतीजा सिफर ही रहता है। 

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नगर पालिका की थी अनुमति, फिर भी नहीं लग पाई प्रतिमा
शिवसेना के तत्कालीन जिला प्रमुख रामवीर द्विवेदी ने दावा किया कि नगर पालिका की भूमि पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित करने के लिए अनुमति मांगी गई थी। तब अनुमति मिली भी थी, लेकिन अचानक पुलिस को शांतिभंग का खतरा महसूस हुआ और फिर प्रतिमा जब्त कर ली गई।

वे दावा करते हैं कि 28 दिसंबर 1998 को नगर पालिका के बोर्ड प्रस्ताव संख्या 11 के क्रम में प्रतिमा स्थापना की अनुमति दी गई थी। इसके बाद 20 जनवरी 2003 को भी पुराने प्रस्ताव का हवाला देकर प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति दी गई, लेकिन प्रतिमा स्थापित नहीं हो पाई।

नगर पालिकाध्यक्ष बोले 
नगर पालिकाध्यक्ष सुखसागर मिश्र मधुर ने कहा कि जहां तक उन्हें मालूम है, बिना शासन की अनुमति के अब प्रतिमा स्थापित करने की कोई व्यवस्था नहीं है। सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित करने के लिए नगर पालिका की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। जिलाधिकारी से भी इस मसले पर बात कर सहयोग मांगेेंगे।
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