कानपुर के उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (यूपीटीटीआई) में मंगलवार को यंग इंवेस्टर्स समिट-2018 का आयोजन हुआ। इसमें निदेशक प्रो. मुकेश कुमार सिंह ने एलान किया कि स्टार्टअप का अच्छा आइडिया देने पर छात्रों को इंस्टीट्यूट की तरफ से पांच से दस लाख रुपये तक आर्थिक मदद दी जाएगी। यही नहीं इंस्टीट्यूट में ही छात्रों की कंपनी इंक्यूबेट भी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल के क्षेत्र में स्टार्टअप की काफी संभावनाएं हैं। इसलिए छात्रों को नौकरी खोजने की बजाय इनोवेटिव आइडिया तैयार करना चाहिए और उसके बल पर उन्हें खुद की स्टार्टअप कंपनी शुरू करनी चाहिए।
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यंग इनोवेटर्स समिट-2018
प्रो. मुकेश ने कहा कि ऐसे छात्रों को इंस्टीट्यूट की तरफ से हर तरह की मदद दी जाएगी। बतौर मुख्य अतिथि प्राविधिक शिक्षा निदेशक ई. आरसी राजपूत ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि हर किसी के मन में अच्छे आइडिया आते हैं बस जरूरत है तो उसे तराशने की। राजपूत ने कहा कि कभी भी आइडिया को केवल अपने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उसे दूसरों से साझा करें और उसपर राय लें। समिट में यूआईटीसी, जलगांव के 20 और यूपीटीटीआई के 40 छात्रों ने अपने आइडिया प्रजेंट किए। यूपीटीटीआई के एक छात्र ने कपड़े वाला डॉट कॉम का आइडिया दिया। इसमें कंपनी लोगों के घर से बेकार कपड़े लेकर आएगी।
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डेमो पिक
कंपनी 150 रुपए किलो विसकाप, 80 रुपए किलो कॉटन और 50 रुपए किलो पालिस्टर कपड़ा लेगी। इससे सड़क और नाली में फेंके जाने वाले कपड़े दोबारा प्रयोग में आ सकेंगे। इस प्रक्रिया से लोगों की आमदनी बढ़ेगी और प्रदूषण में कमी आएगी। जलगांव के एक छात्र ने बायोगैस प्लांट का आइडिया दिया। यह जमीन के अंदर होगा और इंडिकेटर के जरिए गैस की मात्रा बताएगा। इस मौके पर प्रो. आभा भार्गव, डॉ. जेपी सिंह, प्रो. प्रमोद कुमार, प्रो. महेंद्र उत्तम, प्रो. अलका अली आदि मौजूद रहे।
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डेमो पिक
लकड़ी की जगह नारियल वेस्ट से तैयार होगी पैलेट
समिट में यूआईसीटी, जलगांव के एमटेक द्वितीय वर्ष के छात्र पाटिल गोविंद और बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र रेवात्कर सूरज ने लकड़ी के पैलेट की जगह नारियल के वेस्ट से पैलेट तैयार करने का आइडिया पेश किया। इस आइडिया को प्रथम पुरस्कार मिला। सूरज ने बताया कि आने वाले दिनों में ऑनलाइन लाउंड्री का व्यापार बहुत सफल होगा। इसमें पैलेट का प्रयोग काफी अहम है। लकड़ी का पैलेट काफी महंगा और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाला होता है। इसलिए नारियल वेस्ट से इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है।
जैम के विजेता भी रहे गोविंद
यंग इनोवेटर्स समिट में जैम (जस्ट ए मिनट) प्रतियोगिता हुई। इसमें छात्रों को किसी भी टॉपिक पर एक मिनट बोलना था। इस प्रतियोगिता में जलगांव के पाटिल गोविंद प्रथम, यूपीटीटीआई के अमिशा शुक्ला द्वितीय रहे। तीसरे स्थान पर यूपीटीटीआई के अविरल किशोर और पौरुष बंसल रहे।