कानपुर यूनिवर्सिटी कैंपस और संबद्ध बीएड कॉलेजों के 22 हजार स्टूडेंटों से बढ़ा परीक्षा शुल्क वसूलने के चक्कर में एग्जाम फार्म नहीं भरवाए गए। शेड्यूल भी नहीं जारी किया गया। इससे स्टूडेंट परेशान हैं। अब एग्जाम जल्द कराने की मांग की गई है।
बीएड 2015-16 की पढ़ाई पूरी हो चुकी है, फिर भी एग्जाम नहीं कराए गए। अब पता चला कि परीक्षा शुल्क वसूलने के चक्कर में मामला लटकाया गया। दरअसल, हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद यूनिवर्सिटी ने एग्जाम फीस घटाकर 250 रुपये कर दी। इससे घाटा हुआ और यूनिवर्सिटी की आमदनी कम हो गई। इसी का नतीजा रहा कि यूनिवर्सिटी अध्यादेश में बदलाव किया गया। एग्जाम फीस बढ़ाकर 650 रुपये कर दी गई। अब फीस बढ़ोतरी और यूनिवर्सिटी अध्यादेश को शासन से मंजूरी मिलनी है। इसका इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद ही एग्जाम फार्म भरवाया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन घाटा झेलने को तैयार नहीं है।