इटावा। जिले के बैंकों ने एक साल में 25 करोड़ का शैक्षिक ऋण (एजुकेशन लोन) दिया है। बीते चार वर्षों में बैंकों ने 61 करोड़ रुपये का शैक्षिक ऋण दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में ऋण का आंकड़ा और बढ़ेगा।
शैक्षिक ऋण के रूप में साल 2020-21 में नौ करोड़, 2022-23 में 11 करोड़, 2023-24 में 16 करोड़ व वर्ष 2024-25 में 25 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस धनराशि से युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। बैंकिग क्षेत्र से जुड़े जानकार बताते हैं कि ऋण की मदद से अधिकतर छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जाते हैं।
शैक्षिक ऋण साढ़े सात लाख रुपये तक प्राप्त करने के लिए कोई गारंटर नहीं देनी होती है। इस वजह से छात्रों का रुझान ऋण की ओर बढ़ा है। इसमें बैंक की ओर से छात्रों को कोर्स खत्म होने के बाद एक साल तक का अवसर दिया जाता है। इसके बाद किस्त के रूप में बैंक को रुपये लौटाने पड़ते हैं। बैंकों की अलग-अलग ब्याज दर हैं।
शैक्षिक ऋण की प्रक्रिया काफी सरल है। छात्र पैसों की कमी से पढ़ाई न छोड़ दें, इस कारण कोई भी आवेदन रिजेक्ट नहीं किया जाता है।
एमएम थेले, एलडीएम