यूपी के औरैया जिले में गुरुवार सुबह विद्यालय पढ़ने के लिए जा रही एक छात्रा नहर में साइकिल समेत गिर पड़ी। राहगीरों व ग्रामीणों ने करीब 40 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद छात्रा को नहर से निकाला और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्राम सहबदीया निवासी बंदना पाल पुत्री जगत नारायण पाल राहतपुर इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा है। गुरुवार को वह अपनी सहेली काजल, पायल एवं कंचन के साथ साइकिल से विद्यालय पढ़ने के लिए आ रही थी। जैसे ही वह राहतपुर नहर पुल के समीप पहुंची कि उसके आगे चल रहे साइकिल सवारों को हट जाने की आवाज दी। मगर साइकिल सवार नहीं हटे तो उसने अपनी साइकिल को साइड से निकालने का प्रयास किया।
जैसे ही वह साइड से निकलने का प्रयास करने लगी तभी साइकिल अनियंत्रित होकर नहर में गिर पड़ी। जिससे छात्रा नहर में डूबने लगी। उसी के पीछे आ रहे गांव के एक युवक ने तत्काल नहर में कूदकर छात्रा को बचाने का प्रयास किया। पानी का तेज बहाव होने के चलते छात्रा बह गई।
वंदना के साथ चल रही उसकी सहेलियों ने नहर में उसे डूबते देख जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। मगर उनकी आवाज किसी ने नहीं सुनी। करीब 20 मिनट बाद गांव के लोग छात्रा को बचाने के लिए नहर में कूदे। करीब आधा किलोमीटर दूर वंदना नहर में से निकाली गई। तब तक सूचना पाकर डायल 100 की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई।
छात्रा को जब निकाला गया तो उसकी सांसे चल रही थीं। डायल 100 गाड़ी में आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मृतका की सहेलियों ने जिला अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि जब उसे अस्पताल लेकर आए तो ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने उसे नहीं देखा।
जब उन लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया तब एक चिकित्सक द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया। मौके पर जिलाधिकारी अभिषेक सिंह मीणा, पुलिस अधीक्षक सुश्री सुनीति, अपर जिला अधिकारी रेखा एस चौहान, सीओ सिटी शिवदान सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एके, अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित एवं नेपाल सिंह, प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार दुबे, महिला थाना अध्यक्ष नीलम पांडे भारी पुलिस बल के साथ जिला अस्पताल में पहुंच गई।