माधौगंज थाना क्षेत्र के शेखनपुर निवासी युवक कंप्यूटर साइंस से बीटेक करना चाहता था। बिजनौर में स्थित एक कॉलेज में काउंसलिंग के दौरान उसे सिविल में दाखिला मिल रहा था। इससे परेशान छात्र ने बुधवार देर शाम घर में ही जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों को पता चला। सीएचसी से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान देर रात छात्र ने दम तोड़ दिया।
शेखनपुर निवासी अरुण कुमार सांडी विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय बरगदापुर में अनुदेशक हैं। उनका बेटा राज पटेल (18) बीटेक कर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता था। मामा देवेश ने बताया कि राज ने जेईई की परीक्षा दी थी। अच्छे नंबर न आने पर उसे बीटेक में दाखिला नहीं मिल पाया था। इस पर वह मल्लावां के बरौना स्थित प्रकाश महाविद्यालय में बीएससी की पढ़ाई करने लगा था। उसका द्वितीय वर्ष चल रहा था।
इसी बीच बिजनौर के एक कॉलेज में अंतिम चरण की काउंसलिंग चल रही थी। इसमें 12वीं पास छात्रों को सीधे प्रवेश दिया जा रहा था। राज कंप्यूटर साइंस (सीएस) से बीटेक करना चाहता था, लेकिन काउंसलिंग में उसे सिविल इंजीनियरिंग की सीट आवंटित हो रही थी। मनपसंद स्ट्रीम न मिलने से वह पिछले कुछ दिनों से बेहद तनाव में था। बुधवार रात जब घर पर कोई नहीं था, तभी राज ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों को पता चला तो आनन फानन ही उसे सीएचसी माधौगंज ले गए। यहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। मौत की जानकारी पर मां रेखा और बड़ी बहन हिमांशी पटेल बेसुध हो गईं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की सूचना पर शव कापोस्टमार्टम कराया है।