छात्र की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
हमीरपुर में कुरारा विकासखंड के मिश्रीपुर गांव के मजरे ददरी के जूनियर स्कूल में मंगलवार को आयरन की गोली खाने से एक छात्र की मौत हो गई। वहीं, सात बच्चों की उल्टियां होने लगी। सूचना पाकर गुरुवार को इस मामले की एसडीएम, सीओ व बीएसए जांच करने पहुंचे।
प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक को आयरन की ज्यादा गोली देने की लापरवाही उजागर होने पर बीएसए ने निलंबित कर दिया है। बच्चे के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। ददरी गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 40 बच्चों को आयरन की गोलियां खिलाई गईं थीं।
बच्चों से बात करते एसडीएम
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कक्षा सात के छात्र कुलदीप (13) व अन्य कई बच्चों ने ज्यादा गोलियां खा ली थीं। कुलदीप के पिता अमर सिंह ने बताया कि गोलियां खाने के बाद उसके पेट में दर्द होने लगा। इस पर वह स्कूल से छुट्टी लेकर घर आ गया और पेट दर्द होने की जानकारी दी। इस पर उसने गांव की एक दुकान से पेट दर्द की गोली लाकर बेटे को खिलाई।
मगर दर्द कम होने के बजाय उसकी हालत और बिगड़ गई। उल्टी करने पर उसे मिश्रीपुर गांव स्थित सरकारी अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने सीएचसी कुरारा रेफर कर दिया। सीएचसी में उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बुधवार की शाम करीब चार बजे उसे कानपुर रेफर किया गया।
स्कूल में जांच करते एसडीएम
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परिजन उसे एंबुलेंस से कानपुर ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। वहीं कक्षा सात के छात्र संदीप (12) पुत्र हरिश्चंद्र, परेश (13) पुत्र रामपाल, ममता (12) पुत्री सूबेदार, आराधना (14) पुत्री अवधेश, शिल्पी (13) पुत्री प्रहलाद, काजल (13) पुत्री जयप्रकाश, खुशबू (14) पुत्री भूप सिंह व काजल (14) पुत्री राकेश की भी उल्टी के साथ हालत बिगड़ी थी, जिनकी जानकारी परिजनों को दी गई।
जिसपर परिजन स्कूल पहुंचे और बच्चों को साथ लेकर सरकारी अस्पताल लेकर भागे। छात्र परेश को कानपुर के घाटमपुर में भर्ती कराया गया हैं। जहां हालत में सुुधार होने पर छुट्टी कर दी गई है। गुरुवार को बच्चे की मौत की सूचना पर एसडीएम राजेश कुमार चौरसिया, सीओ सदर अनुराग सिंह, बीएसए सतीश कुमार व एसओ एके सिंह जांच करने पहुंचे।
प्रभारी प्रधानाध्यापक खलील मोहम्मद ने अधिकारियों को बताया कि स्कूल में एक-एक आयरन की गोली बच्चों को खिलाईं थी और एक-एक पत्ता घर ले जाने को दिया था। घर में कुलदीप ने पूरी दवाएं खा ली। जिससे उसकी हालत नाजुक हो गई। बीएसए ने बताया कि जांच में छात्र के अधिक गोलियां एक साथ खाने की बात सामने आ रही है। जिसमें प्रधानाध्यापक व अन्य स्टाफ की लापरवाही सामने आई है।
इस पर प्रभारी प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक श्यामबाबू को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई है। उधर शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। घटना के बाद वितरित दवाओं को प्रधानाध्यापक ने बच्चों के घरों से मंगवाकर जला दिया। पुलिस के हाथ सिर्फ खाली रैपर लगा है। उधर, सीएमओ डा. एमके बल्लभ ने कहा कि आयरन की गोली खाने से एक बच्चे की मौत नहीं हो सकती है।