उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी दमोल पुत्र राकेशचन्द्र की शताब्दी एक्सप्रेस के शौचालय में मौत हो गई। अलीगढ़ स्टेशन पर शौचालय का दरवाजा तोड़कर छात्र के शव को बाहर निकाला गया। छात्र पेट में दर्द होने पर शौचालय गया था।
कानपुर के कल्याणपुर अंबेडकरनगर अंतर्गत 1/385 आवास-विकास कालोनी निवासी डा. राकेशचन्द्र कमल कानपुर में सरकारी चिकित्सक हैं। उनका 24 वर्षीय पुत्र दमोल दिल्ली में रहकर आईआईटी की कोचिंग कर रहा था। पिछले तीन दिन से उसको बुखार था। दमोल सोमवार शाम नई दिल्ली-कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस के कोच संख्या सी-7 की बर्थ संख्या 21 और 22 पर अपने मित्र गौरव के साथ कानपुर जा रहा था। खुर्जा के समीप ट्रेन पहुंचने पर पर उसने गौरव को पेट में दर्द और चक्कर आने की बात कहते हुए शौच जाने को कहा। गौरव उसे शौचालय तक छोड़कर करीब 10 मिनट बाद उसे लेने पहुंचा तो अंदर से कोई आवाज नहीं आयी। गौरव ने तत्काल अन्य यात्रियों और कोच अटैंडेंट को जानकारी दी। उसने टूंडला नियंत्रण कक्ष इसकी जानकारी दी। शाम करीब 5.50 बजे ट्रेन को अलीगढ़ स्टेशन पर रोका गया।
ट्रेन के अलीगढ़ पहुंचने पर रेलवे सुरक्षा बल की सहायता से शौचालय के दरवाजे को तोड़ा गया। शौचालय में दमोल मृत अवस्था में पड़ा मिला। जीआरपी ने शव को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर उतार लिया है तथा परिजनों को घटना की जानकारी दी है। सूचना मिलते ही परिजन भी अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए। इस दौरान करीब 25 मिनट ट्रेन अलीगढ़ पर खड़ी रही। मृतक दमोल इकलौता पुत्र था।