उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के सांडी में आईपीएस बनने की ख्वाहिश रखने वाले पॉलिटेक्निक से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा ले चुके एमए के छात्र ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पास मिले सुसाइड नोट में युवक ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है।
सुसाइड नोट में उसने गुडबाय, बैडलाइफ, बैडलक और नाम के आगे इंजीनियर भी लिखा है। हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के पलिया गांव निवासी मनीष कुमार (22) फर्रुखाबाद के बद्री विशाल पीजी कॉलेज में एमए इतिहास का छात्र था।
पिता सर्वेश कुमार के मुताबिक मनीष सोमवार को डेढ़ बजे तक खेत में मवेशियों के लिए तैयार हो रही बरसीम में पानी लगा रहा था। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला।
मंगलवार सुबह मनीष का शव सांडी क्षेत्र के हरदोई मार्ग पर पक्षी विहार के पास स्थित एक आश्रम के सामने पेड़ पर रस्सी के फंदे से लटका मिला। राहगीरों ने शव देखकर सांडी थाने की पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने शव की तलाशी ली।
इस दौरान शव के पास से बद्री विशाल कॉलेज का परिचय पत्र मिला। एक मोबाइल फोन और एक हजार रुपये भी मिले। शव के पास ही एक बैग भी रखा था। इसमें कुछ कपड़े और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों की किताबें भी थीं।
मोबाइल में दर्ज नंबरों से परिजनों को सूचना दी गई। पिता सर्वेश कुमार ने बताया कि मनीष पॉलिटेक्निक से सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कर चुका था। अप्रेंटिस भी की थी। वह आईपीएस बनना चाहता था, इसलिए इतिहास विषय से परास्नातक की पढ़ाई कर रहा था।
मनीष तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। पिता घरों में ट्यूशन पढ़ाते हैं। बेटे की मौत से पिता सर्वेश और मां संतोषी बदहवास हो गईं। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र ने बताया कि खुदकुशी का मामला है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से नमूने जुटाए हैं। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।