शोर-शराबा सुनकर ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। घायल बच्चे व शिक्षामित्र को नजदीक के अस्पताल भेजा गया। प्रधानाध्यापक प्रकाश नारायण ने बताया कि विद्यालय भवन 2008 से जर्जर है। जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी गई। ग्राम पंचायत में कार्याकल्प योजना के लिए प्रस्ताव भी डाला गया लेकिन भवन दुरुस्त नहीं हुआ।
जिससे यह घटना हुई। उधर खंड शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार का कहना है कि भवन पुराना है। कार्ययोजना में शामिल किया गया था। सत्यापन न होने के चलते स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। जर्जर भवन में बच्चों को बैठाने के सवाल पर बताया कि विद्यालय स्टाफ को निदेर्शित किया गया था कि इस कक्ष में बच्चों को न बैठाया जाए।