कानपुर देहात। नगर निकायों के रेहड़ी पटरी दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी प्रशिक्षित करेंगे। व्यंजन में कितना रंग मिलाना है। पूड़ी या पकौड़ी बनाने में खाद्य तेल कितनी बार प्रयोग कर सकते हैं आदि बारीकियां उन्हें सिखाई जाएंगी। डूडा निकायों में शिविर लगाने की रुपरेखा तय कर रहा है।
जिले में तेरह नगर निकाय हैं। रेहड़ी पटरी पर ठेलिया या फिर सड़क किनारे दुकान लगाकर दुकानदार चाट- पानी पूड़ी, पकौड़ी, फिंगर, मोमोज, जलेबी, समोसा या फिर चाऊमीन-डोसा बेचते हैं। खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी न होने से कोई फिंगर व जलेबी में रंग मिलता है तो कोई चटनी और सॉस सही तरीके से नहीं बनाता है। खाद्य तेल में कई-कई बार पूड़ियां सेेंकी जाती हैं। वहीं साफ सफाई का भी जरूरी ध्यान नहीं रखने से बीमारी होती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम निकायों में शुरू करने की तैयारी है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद पांडेय ने बताया कि डूडा रोस्टर तय कर रहा है। इसी के अनुसार रेहड़ी पटरी दुकानदारों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे साफ सफाई के साथ ही ठेलिया या फुटपाथ किनारे दुकानें लगाने वाले दुकानदार सेहतमंद व्यंजन परोस पाएंगे। डूडा कार्यालय के शहर मिशन प्रबंधक हिमांशु मिश्र ने बताया कि रेहड़ी पटरी दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए रोस्टर तैयार किया जा रहा है।
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यूपीआई स्कैनर की बनवाकर दिए जाएंगे
रेहड़ी पटरी दुकानदार नकद भुगतान प्राप्त करने के साथ डिजिटल लेनदेन कर सकें इसके लिए उन्हें यूपीआई के स्कैनर बनवाकर दिए जाएंगे। शहर मिशन प्रबंधक हिमांशु मिश्र ने बताया कि जो रेहड़ी पटरी दुकानदार डिजिटली निष्कि्रय है। उन्हें सक्रिय कराना है। इसके लिए प्रशिक्षण शिविर में की प्रक्रिया की जाएगी।