कानपुर देहात। बिल्हौर थाना में दहेज हत्या के दर्ज मामले की सुनवाई एडीजे-पांच की अदालत में चल रही थी। मंगलवार को अदालत ने सुनवाई करते हुए पति को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर अर्थदंड लगाया है।
बिल्हौर थाना क्षेत्र के मुहीद्दीनपुर के पास निकली नदी किनारे एक महिला का शव 13 अगस्त 2012 को मिला था। उसकी शिनाख्त संगीता यादव के रूप में हुई थी। इस मामले में शिवराजपुर के अजीतराय निवादा निवासी मेवालाल ने बेटी की सुनायोजित ढंग से दहेज के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगा दामाद रजनीश, ससुर, देवर, सास के खिलाफ बिल्हौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया कि बेटी संगीता की शादी वर्ष 2006 में कन्नौज के बिराहिमपुर गुरसहायगंज निवासी रजनीश के साथ की थी।
शादी के बाद से ससुराली बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। उसने दामाद की शिवराजपुर स्थित दूध डेयरी में नौकरी लगवा दी। दोनों किराए का मकान लेकर शिवराजपुर रहने लगे। 10 अगस्त 2012 को वह बेटी से मिलने पहुंचे तो किराये के मकान में ताला लटक रहा था। बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं हुई। इसी बीच 13 अगस्त बेटी का शव बिल्हौर क्षेत्र में नदी के किनारे मिला। पुलिस ने पति रजनीश, उसके पिता जहान सिंह, मां कलावती उर्फ शकुंतला व भाई अवनीश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के साथ जांच करते हुए सभी के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। इस मामले की सुनवाई एडीजे पांच की अदालत में चल रही थी।
सुनवाई के दौरान आरोपी कलावती उर्फ शकुंतला की मौत हो गई थी। मंगलवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद रजनीश को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जबकि पिता व भाई को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।