कानपुर। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि योजना) के तहत शहर में स्ट्रीट फूड हब विकसित होंगे। यह पहल फुटपाथ पर लगने वाली दुकानों से होने वाले जाम को कम करेगी। शासन के आदेश पर जिलाधिकारी ने नगर निगम को जमीन चिह्नित करने के लिए पत्र लिखा है।
पीएम स्वनिधि योजना कोरोना से प्रभावित स्ट्रीट वेंडरों के लिए थी। इसमें 10,000 रुपये तक का गारंटी-मुक्त ऋण मिलता है। इसके किस्तों में अदा कर सकते हैं। समय पर पुनर्भुगतान पर सब्सिडी का भी प्रावधान है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे पटरी दुकानदारों की आजीविका मजबूत करना है। उन्हें संगठित बिक्री स्थल और बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। इन हब में पानी, बिजली और स्वच्छता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त प्रथम को जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए।
नगर निगम ने पांच साल पहले पटरी दुकानदारों के लिए निरालानगर में दीप टाॅकीज तिराहे से नहरिया मोड़ तक चबूतरे बनाए थे। सीटीआई में सब्जी, फलों के ठेले लगाने वालों को यह चबूतरे आवंटित भी किए गए थे पर प्रशासन की ढिलाई की वजह से दुकानदारों ने दूरी ज्यादा होने का हवाला देते हुए वहां जाने से इन्कार कर दिया। निरालानगर के भवन स्वामियों ने इन चबूतरों को तोड़ कर रेस्टोरेंट, शोरूम, जिम आदि खोल लिए। इसी तरह फूलबाग में आयुद्य उपस्कर निर्माणी के पास तक, वीआईपी रोड के पास परमट में आनंदेश्वर मंदिर रोड, गुजैनी सहित विभिन्न स्थानों पर पटरी दुकानदारों के लिए जगह भी चिह्नित की थी, पर वहां भी योजना असफल हो गई।