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Kanpur News: छुट्टा मवेशियों का सड़क पर डेरा, दुर्घटना का खतरा

Sat, 06 Sep 2025 12:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। जिले में सड़कों पर छुट्टा मवेशियों का डेरा है। मवेशियों के झुंड से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। नगरीय क्षेत्र में नगर निकायों और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायतों को छुट्टा मवेशी पकड़ कर गोशाला भेजने के निर्देश हैं। बीते 14 अगस्त को डीएम ने सीवीओ व सभी एसडीएम को निर्देश दिए थे। मगर इस पर अमल नहीं हो सका है।
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जिले में 84 गोशालाएं हैं। इसके बाद भी सड़क पर डेरा डाले छुटटा मवेशी जगह-जगह दिख जाते हैं। बारिश की वजह में छुट्टा मवेशी सड़कों पर ही आश्रय बनाए हैं। रात में सड़क पर ही झुंड में ये बैठते हैं। काले रंग के मवेशी नजदीक आने पर ही दिखते हैं। ऐसे में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र में छुट्टा मवेशियों के झुंड राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। मगर जिम्मेदारों को यह नजर नहीं आ रहे हैं।
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छुट्टा मवेशियों को पकड़ने का अभियान चल रहा है। गुरुवार को नबीपुर से आठ और सरवनखेड़ा क्षेत्र से 14 छुट्टा मवेशी पकड़ कर गोशाला भेजे गए हैं। छुट्टा मवेशी पकड़ने के लिए ग्राम्य विकास और नगर निकाय की जिम्मेदारी है। फिर भी यदि कहीं छुट्टा मवेशी होने का पता चलता है तो उन्हें पकड़वाकर गोशाला भेजा जाता है। - डॉ. सुबोध कुमार बर्नवाल, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी
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फोटो-2 मंगलपुर में मुख्य मार्ग पर घूमते छुट्टा मवेशी। संवाद
केस एक :
राहगीरों पर हमलावर होते हैं छुट्टा मवेशी
झींझक में मंगलपुर मार्ग पर छुट्टा मवेशियों का डेरा है। कई मवेशी राहगीरों पर हमलावर होते हैं। वहीं रात में अंधेरा होने पर काले रंग के मवेशी नजर नहीं आते हैं। इससे हादसे का खतरा रहता है। मुंडेरा, सुरासी, किशौरा आदि गांवों में भी सड़क पर छुट्टा मवेशी डेरा डाले हैं। बीडीओ झींझक सतीश चंद्र ने बताया कि ग्राम सचिवों को छुट्टा मवेशियों को पकड़कर गोशाला भेजने के निर्देश दिए हैं।
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केस दो:
फोटो- 3 शाहजहांपुर में घूमते छुट्टा मवेशी। संवाद
अमरौधा ब्लॉक के शाहजहांपुर व रुरगांव में छुट्टा मवेशियों के झुंड परेशानी का सबब बने हैं। किसान फसलें बचाने लिए रात में खेत में निगरानी करने जाते हैं। मुगल मार्ग पर झुंड में निकलने से दुर्घटना का भी खतरा बना है। शाहजहांपुर के रूपलाल, ज्ञान सिंह, कन्हैया पाल कैलाश बाबू आदि ने बताया कि बारिश में जहरीले कीड़ों का खतरा है। मगर फसल मवेशियों के बचाने के लिए रात में फसल निगरानी करनी पड़ रही है। एडीओ पंचायत अखिलेश कुशवाहा ने बताया कि ग्राम सचिवों से सूचना मांगी गई है। छुट्टा मवेशी पकड़वाए जाएंगे।
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